देश

Parliament Winter Session: 2009 से अब तक अमेरिका ने कितने भारतीयों को डिपोर्ट किया? जयशंकर ने संसद में गिनाए आंकड़े

2009 से 2025 तक अमेरिकी अधिकारियों द्वारा ऐसे हजारों भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत वापस भेजा गया है जिन्हें अवैध प्रवास या वीजा उल्लंघन के कारण डिपोर्ट किया गया था। अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में इस बारे में जानकारी दी है।

Image

एस जयशंकर। फोटो- पीटीआई

Photo : PTI

अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा लौटने के बाद से वहां रहने वाले अवैध विदेशियों को लेकर उन्होंने सख्ती अपना रखी है। वे लगातार अवैध तरीके से अमेरिका में रहने वाले लोगों को वापस उनके देश भेज रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं। 2009 से अमेरिका ने कुल 18,822 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में इस बारे में जानकारी दी।

उन्होंने एक लिखित उत्तर में बताया कि 2009 से अब तक कुल 18,822 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजा गया है। साल 2023 में 617 भारतीयों को और 2024 में 1,368 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया। वहीं, जनवरी 2025 से अब तक कुल 3,258 भारतीय नागरिकों को अमेरिका ने भारत निर्वासित किया है। इनमें से 2,032 भारतीय (लगभग 62.3 प्रतिशत) नियमित वाणिज्यिक उड़ानों से और शेष 1,226 भारतीय (37.6 प्रतिशत) अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) या सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा संचालित चार्टर उड़ानों से लौटे हैं।

डिपोर्ट करते समय हथकड़ी-बेड़ियां पहनाए जाने के मामले पर भी बोले

जयशंकर मे यह भी बताया कि अमेरिकी आईसीई/सीबीपी की निर्वासन प्रक्रिया के दौरान भारतीय नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु विदेश मंत्रालय अमेरिकी पक्ष के साथ निरंतर बातचीत कर रहा है। मंत्रालय ने विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए हथकड़ी-बेड़ियों के उपयोग को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराई है।

जयशंकर ने कहा कि पांच फरवरी की निर्वासन उड़ान के बाद से महिलाओं और बच्चों को बेड़ियां पहनाने की कोई घटना मंत्रालय के संज्ञान में नहीं आई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि 19 नवम्बर 2012 से आईसीई की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत ‘नियंत्रण नीति’ लागू है। उड़ान में सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी नीति अपनाई गई है। अतीत में कुछ घटनाएं हुई हैं, जब निर्वासितों ने अन्य निर्वासितों और चालक दल के सदस्यों पर हमला किया था। महिलाओं और नाबालिगों को सामान्यतः बेड़ियां नहीं पहनाई जाती हैं, लेकिन उड़ान प्रभारी अधिकारी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेते हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article