Kavinder Gupta : बीते 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद लेह में कर्फ्यू और लद्दाख के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। इससे जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया। इसके बाद पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जोधपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया। लद्दाख जनजीवन अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुआ है। अब इस पूरे मामले पर केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कवींद्र गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हिंसक प्रदर्शन को 'दुखदायी' बताया है।
आठवीं कक्षा तक सभी शैक्षिक संस्थान खोले गए
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा, 'पिछले चार दिनों से, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक, लोग आ रहे हैं और जा रहे हैं। वाहनों का संचालन सामान्य रूप से हो रहा है। आज भी, वाणिज्यिक वाहन की अनुमति है। आठवीं कक्षा तक सभी शैक्षिक संस्थान खोले गए हैं। इसलिए, एक-दो दिन में सब कुछ पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा। 24 तारीख का घटना वास्तव में दुखद और त्रासदीपूर्ण था, और ऐसा नहीं होना चाहिए था। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसा फिर कभी न हो।'
'सबूत के आधार पर वांगचुक पर कार्रवाई'
पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि 'कार्रवाई सबूत के आधार पर की गई है। उनके पास अदालत या अन्य जगह जाने का अधिकार है। यह मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आता है, इसलिए यह ठीक है। लेकिन कार्रवाई सबूत के आधार पर ही की जाएगी। कई लोगों को रिहा कर दिया गया है। जमानत दी गई है, और जो दोषी पाए जाएंगे, उन्हें अंततः कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हमने एक मजिस्ट्रेट जांच शुरू की है। क्योंकि यह एक संवेदनशील क्षेत्र है और सीमावर्ती राज्य है।'
सुनिश्चित कर रहे ऐसी घटनाएं फिर से न हों-LG
उपराज्यपाल ने आगे कहा कि 'हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं फिर से न हों। संवाद एक माध्यम है, और केवल संवाद के जरिए ही चीजें सामने आती हैं। हमने पहले भी कहा है, और केंद्रीय सरकार और गृह मंत्रालय ने उन्हें (एपेक्स बॉडी) पहले ही 22 तारीख को आमंत्रित किया है। उन्हें 6 तारीख तक आमंत्रित किया गया है। निर्णय केवल तभी लिए जाते हैं जब हम साथ बैठते हैं।'
हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार हुए वांगचुक
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) की ओर से पिछले बुधवार को आहूत बंद के दौरान लेह में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 90 घायल हो गए। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अपने भाषणों के जरिये लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है।
