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हिमाचल घूमना हुआ और महंगा, सरकार ने बढ़ाया Rs 230 तक एंट्री टैक्स, जानें किस वाहन पर लगेगा कितना शुल्क

हिमाचल सरकार की नई टोल बैरियर नीति के तहत एंट्री फीस की वसूली बैरियरों पर ही की जाएगी। इसके लिए फास्टैग अनिवार्य किया जा रहा है। बैरियरों की नीलामी अब ऑनलाइन माध्यम से होगी। जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी, जो संचालन और निगरानी करेगी। हिमाचल प्रदेश में 55 टोल बैरियरों की नीलामी से सरकार ने इस बार 185 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है।

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हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर एंट्री शुल्क बढ़ा।

Photo : ANI

Himachal steps up toll : हिमाचल प्रदेश में घूमने जाने वालों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री फीस में 30 से 230 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। इसका असर पर्यटकों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और ढुलाई दरों पर भी पड़ेगा। सरकार ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार ने फास्टैग भी अनिवार्य कर दिया है।

वसूली बैरियरों पर ही की जाएगी

हिमाचल सरकार की नई टोल बैरियर नीति के तहत एंट्री फीस की वसूली बैरियरों पर ही की जाएगी। इसके लिए फास्टैग अनिवार्य किया जा रहा है। बैरियरों की नीलामी अब ऑनलाइन माध्यम से होगी। जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी, जो संचालन और निगरानी करेगी। हिमाचल प्रदेश में 55 टोल बैरियरों की नीलामी से सरकार ने इस बार 185 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 2026-27 में रिजर्व प्राइस 20 करोड़ रुपये अधिक रखा गया है।

सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे

मेहतपुर-गगरेट बैरियर को 36.72 करोड़, बद्दी को 48.66 करोड़ और परवाणू बैरियर को 22.48 करोड़ में नीलाम किया जाएगा। शिमला के कुड्डू बैरियर का रिजर्व प्राइस 46.77 लाख रुपये, सिरमौर के चार बैरियरों का 33.94 करोड़, बिलासपुर बैरियर का 25.67 करोड़ और नूरपुर के दो बैरियरों का 17.05 करोड़ रुपये रखा गया है। बैरियर लेने वालों को अपने बजट से ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे। फास्टैग सुविधा से सात बैरियरों को जोड़ा गया है।

मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क से छूट नहीं

मार्च 2025 में सरकार ने निजी वाहनों के लिए शुल्क दस रुपये बढ़ाया था। उधर, 6 से 12 सीट वाले यात्री वाहनों को 130 रुपये और 12 से अधिक वाले वाहनों को 200 रुपये देने होंगे। बड़े मालवाहक वाहनों का 720 की जगह 900 रुपये, निर्माण कार्य की मशीनरी ले जाने वाले वाहनों का 570 की जगह 800 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। दूसरे राज्यों के नंबर वाले भारी मालवाहक वाहनों के साथ हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत इन वाहनों से भी यह शुल्क वसूला जाएगा। प्रदेश के मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क में छूट नहीं दी गई है।

आबकारी विभाग ने प्रवेश शुल्क की दरें तय कीं

व्यावसायिक वाहनों से 320 की जगह 600 रुपये, 32 सीटर मिनी बस के 180 की जगह 320, डबल एक्सेल बस और ट्रक के 570 रुपये, ट्रैक्टर के 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश के 30 रुपये लगेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए प्रवेश शुल्क के आधार पर ही त्रैमासिक और सालाना पास बनाए जाएंगे। प्रदेश के 55 टोल बैरियरों के लिए कर एवं आबकारी विभाग ने प्रवेश शुल्क की दरें तय की हैं।

Poonam Sharma
पूनम शर्मा author

पूनम शर्मा ने एचपीयू से मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री की है, करीब 2 साल से टाइम्स नेटवर्क के लिए हिमाचल ब्यूरो के रूप में काम कर रही हैं, 2008 में... और देखें

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