Nitin Gadkari Portfolio: ‘हाईवे मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी को लगातार तीसरी बार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बनाया गया है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। महाराष्ट्र के नागपुर के 67 वर्षीय नेता गडकरी सबसे लंबे समय तक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नई सरकार में भी वह फिर से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे।
गडकरी को दी जाती है हाईवे मैन की उपाधि
पिछले 10 साल में देश में 54,858 किलोमीटर से अधिक लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का श्रेय गडकरी को दिया जाता है। उनके नेतृत्व में सड़क मंत्रालय का लक्ष्य इस साल दिसंबर तक 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी माने जाने वाले पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने नागपुर सीट से लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव जीता है। नागपुर में आरएसएस का मुख्यालय भी है। रविवार को उन्हें कैबिनेट मंत्री के तौर पर राजग सरकार में शामिल किया गया था।
2009 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे गडकरी
राष्ट्रीय राजनीति में गडकरी का प्रवेश 2009 में हुआ था, जब उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्ष 2014 में गडकरी ने नागपुर से लोकसभा चुनाव में पदार्पण किया और वह केंद्र सरकार में मंत्री बने। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम, पोत परिवहन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे कई विभागों को संभाला।
महाराष्ट्र में गडकरी के नाम दर्ज हैं ये उपलब्धियां
नितिन गडकरी 1989 से 2014 तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुने जाते रहे। वह 1995 में पहली बार महाराष्ट्र में राज्यमंत्री बने और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का प्रभार संभाला। इस दौरान गडकरी ने राज्य में सभी मौसम में कारगर सड़कों का निर्माण कराने और विदर्भ क्षेत्र के मेलघाट क्षेत्र में कुपोषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए काम किया।
राज्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और महाराष्ट्र की राजधानी में 54 फ्लाईओवर बनाए गए थे। बांद्रा-वर्ली सी लिंक की परिकल्पना भी पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में गडकरी के कार्यकाल में ही की गई थी। देश में भारतमाला परियोजना चरण-एक के तहत शुरू की गई नई एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पूरी होने के विभिन्न चरणों में हैं।
