हरियाणा कांग्रेस की बड़ी नेता और विधायक किरण चौधरी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। किरण चौधरी कांग्रेस छोड़ अब बीजेपी में जाने वाली है। किरण चौधरी लोकसभा चुनाव में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से अपनी बेटी और पूर्व कांग्रेस सांसद श्रुति चौधरी के लिए टिकट मांग रही थीं, जो उन्हें नहीं मिला था। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से श्रुति चौधरी 2019 के चुनाव में बुरी तरह से हारीं थीं। इस बार भी कांग्रेस भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से हार गई है, जिसके लिए किरण चौधरी पर भी आरोप लग रहे हैं।
किरण चौधरी- श्रुति चौधरी बीजेपी में होंगी शामिल
किरण चौधरी के साथ-साथ उनकी बेटी श्रुति चौधरी भी कांग्रेस छोड़, बीजेपी में शामिल होंगी। दोनों नेताओं के बुधवार को दिल्ली में सुबह 11 बजे भाजपा में शामिल होने की संभावना है। किरण चौधरी हरियाणा की तोशाम विधानसभा सीट से विधायक हैं।
कांग्रेस पर किरण चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप
अपने त्यागपत्र में किरण चौधरी ने आरोप लगाया है कि पार्टी को निजी जागीर की तरह चलाया जा रहा है, जिसमें उनके जैसी ईमानदार आवाज़ों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर "सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से" उनका गला घोंटने, अपमानित करने और उनके खिलाफ़ साजिश रचने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा, श्रुति चौधरी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपने त्यागपत्र में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने हरियाणा कांग्रेस पर एक-व्यक्ति केंद्रित होने का आरोप लगाया, जिससे पार्टी के हितों से समझौता हो रहा है।
सवालों के घेरे में थी किरण चौधरी
कांग्रेस ने विधायक राव दान सिंह को महेंद्रगढ़ लोकसभा से अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि वह चुनाव हार गए। इसके बाद राव दान सिंह ने चौधरी का नाम लिए बिना उन पर भितरघात का आरोप लगाया। किरण ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अगर टिकट सही तरीके से बांटे जाते तो कांग्रेस यहां से चुनाव जीत सकती थी।
