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Haryana Chunav Exit Poll 2024: हरियाणा में BJP को बड़े नुकसान के आसार, Exit Poll में आ रही कांग्रेस सरकार

Haryana Chunav Exit Poll 2024, Haryana Assembly Election: हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को जारी होंगे। हालांकि एग्जिट पोल के आंकड़ों में तस्वीर लगभग साफ हो गई है। आंकड़ों को देखें तों कांग्रेस पार्टी यहां बहुमत से सरकार बनाती दिख रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी को काफी सीटों का नुकसान हो रहा है।

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हरियाणा चुनाव एग्जिट पोल।

Photo : Times Now Digital

Haryana Chunav 2024 Exit Poll Result: हरियाणा में 10 साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को बड़ा नुकसान होता दिखाई दे रहा है। लगभग सभी सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं। एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखा जाए तो 90 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस बहुमत हासिल करती दिख रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी 18 से 24 सीटों पर सिमट रही है।

पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल में कांग्रेस पार्टी 55 सीटें हासिल करती दिख रही हैं। वहीं, भाजपा 26 सीटों पर सिमट रही है। इसके अलावा मैट्रिज के एग्जिट पोल में भाजपा 18 से 24 सीटों पर सिमिट रही है तो कांग्रेस 55 से 62 सीटें हासिल कर रही है। वहीं न्यूज 24 के एग्जिट पोल में भी कांग्रेस के 52 से 64 सीटें मिल रही हैं। भाजपा 22 से 32 सीटों पर सिमट रही है।

यहां देखें सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल (Haryana Exit Poll 2024)

एग्जिट पोल एजेंसीभाजपा कांग्रेस जेजेपी आप अन्य
मैट्रिज 18-2455-620-302-5
पीपुल्स पल्स 26550-105-8
न्यूज 24 22-3252-64----0-5
पोल ऑफ पोल्स 2858103

आम आदमी पार्टी का नहीं खुल रहा खाता

लगभग सभी सर्वे एजेंसियों की ओर से जारी एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को शून्य सीटें दी गई हैं। यहां पार्टी ने सभी 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे एक भी सीट का फायदा नहीं हो रहा है। वहीं जेजेपी व असपा गठबंधन का भी चुनाव में कोई खास असर नहीं दिख रहा है।

haryana poll of polls

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ऐसे से 2019 में चुनाव परिणाम

बता दें, हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी 2014 से सत्ता में काबिज है। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2019 के चुनाव में भाजपा ने 40 सीटें हासिल की थीं। वहीं कांग्रेस के खातें में 31 सीटें आई थीं। जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने 10 सीट जीती थीं। चुनाव के बाद भाजपा और जजपा ने मिलकर सरकार बनाई थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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