Exclusive Gyanvapi ASI Survey Report in Hindi: वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर को लेकर बड़े खुलासे किए गए हैं। ASI की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिस जगह पर ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) का निर्माण किया गया था, वहां पर पहले हिंदू मंदिर था। गुरुवार रात दस बजे वाराणसी जिला अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट पक्षकारों को सौंप दी। बता दें, हिंदू पक्ष लगातार दावा करता रहा है कि मस्जिद 17वीं शताब्दी में काशी विश्वनाथ मंदिर के विनाश के बाद उसके स्थान पर बनाई गई थी।
वाराणसी की जिला अदालत ने जुलाई, 2023 में ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) परिसर का सर्वे कराने का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को सौंपा था। अब ASI की रिपोर्ट सामने आ गई है। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट के वे 10 अहम सबूत, जिनसे साबित होता है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर 17वीं शताब्दी से पहले हिंदू मंदिर था...
Gyanvapi ASI सर्वे रिपोर्ट के 10 अहम सबूत(Gyanvapi ASI Reports in 10 Points)
- हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने ने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित मस्जिद 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के शासनकाल के दौरान एक भव्य हिंदू मंदिर को ध्वस्त किए जाने के बाद उसके अवशेषों पर बनाई गई थी।
- मस्जिद से पहले वहां बने मंदिर में बड़ा केंद्रीय कक्ष और उत्तर की ओर छोटा कक्ष था।
- सर्वेक्षण के दौरान दो तहखानों में हिंदू देवताओं की मूर्तियों के अवशेष पाए गए हैं।
- ज्ञानवापी मस्जिद के निर्माण में स्तंभों सहित पहले से मौजूद मंदिर के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल किया गया था।
- मंदिर को तोड़ने का आदेश और तारीख पत्थर पर फारसी भाषा में अंकित है।
- ज्ञानवापी परिसर में ‘महामुक्ति’ लिखा हुआ एक पत्थर भी मिला है।
- मस्जिद के पीछे की पश्चिमी दीवार एक मंदिर की दीवार है। दीवार पर घण्टा, वल्लरी (लताओं का उकेरा गया चित्र) और स्वास्तिक का चिह्न मिला है। दीवार पर पत्थरों पर उकेरा गया ब्रह्म कमल का तोरण द्वार बना हुआ है।
- Gyanvapi Masjid
ASI Report : ज्ञानवापी परिसर में स्थित तहखाने की छत जिन खम्भों पर टिकी है वे सब नागर शैली के मंदिर के स्तंभ हैं - सर्वे में 32 शिलापट और पत्थर मिले हैं, जो वहां पहले हिन्दू मंदिर होने के साक्ष्य हैं।
- शिलापटों पर देवनागरी, तेलुगु और कन्नड में आलेख लिखे हैं।
