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Gujarat riots 2002: नरोदा गाम नरसंहार मामले में माया कोडनानी, बाबू बजरंगी समेत सभी आरोपी बरी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 20, 2023, 07:46 PM IST

Gujarat riots 2002: गुजरात दंगा 2002 के नरोदा गाम नरसंहार मामले में स्पेशल अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपियों में बीजेपी की पूर्व विधायक माया कोडनानी (Maya Kodnan) और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी भी शामिल थे।

Gujarat riots 2002: गुजरात की स्पेशल अदालत ने 2002 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान नरोदा गाम में मुस्लिम समुदाय के 11 सदस्यों की हत्या के मामले में आज (20 अप्रैल 2023) फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सभी 67 आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले के आरोपियों में बीजेपी की पूर्व विधायक माया कोडनानी (Maya Kodnan) और बजरंग दल (Babu Bajrangi) के नेता बाबू बजरंगी भी शामिल थे। मामले में कुल 86 आरोपी थे, लेकिन उनमें से 18 लोगों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। जबकि एक को अदालत ने पहले ही आरोपमुक्त कर दिया था।

अहमदाबाद स्थित एसआईटी मामलों के विशेष न्यायाधीश एस के बक्शी की अदालत ने गोधरा मामले के बाद भड़के भीषण दंगों में से एक नरोदा गाम दंगों से जुड़े इस बड़े मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल ने की थी। जिन आरोपियों को बरी किया गया उनमें कोडनानी, विहिप नेता जयदीप पटेल और बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी शामिल हैं।

गोधरा में ट्रेन आगजनी की घटना में अयोध्या से लौट रहे 58 यात्रियों की मौत के एक दिन बाद 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद शहर के नरोदा गाम इलाके में दंगों के दौरान कम से कम 11 लोग मारे गए थे।

नरोदा गाम मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना), 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा चल रहा था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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