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CRPF की संसद सुरक्षा इकाई को मिला नया नाम, 1400 कर्मियों वाला ग्रुप कहलाएगा VSG

Parliament Security: सीआरपीएफ के तहत लगभग 1,400 कर्मियों वाले संसद ड्यूटी ग्रुप (PDG) का नाम बदलकर वीआईपी सुरक्षा समूह (VSG) कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले साल संसद की सुरक्षा से हटाई गई सीआरपीएफ की एक विशेष इकाई को आखिरकार भंग कर दिया गया है और बल की वीआईपी सुरक्षा शाखा में विलय कर दिया गया है।

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सीआरपीएफ

Photo : iStock

Parliament Security: पिछले साल संसद की सुरक्षा से हटाई गई सीआरपीएफ की एक विशेष इकाई को आखिरकार भंग कर दिया गया है और बल की वीआईपी सुरक्षा शाखा में विलय कर दिया गया है, जिसे हाल में 1,000 से अधिक कर्मियों वाली एक नई बटालियन प्रदान की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर सीआरपीएफ के तहत लगभग 1,400 कर्मियों वाले संसद ड्यूटी ग्रुप (PDG) का नाम बदलकर वीआईपी सुरक्षा समूह (VSG) कर दिया। गृह मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में झारखंड के चतरा जिले में तैनात बल की बटालियन संख्या 190 को बल की वीआईपी सुरक्षा इकाई में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

VIP सिक्योरिटी यूनिट इन लोगों को दे रही सुरक्षा

एक हजार से अधिक कर्मियों वाली इस बटालियन को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान चलाने के लिए तैनात किया गया था। केंद्रीय रिजर्व पुलिस समूह (CRPF) की वीआईपी सुरक्षा शाखा वर्तमान में 200 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही है, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस के गांधी परिवार के सदस्य सोनिया गांधी, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाद्रा शामिल हैं।

'VIP सुरक्षा का लगातार बढ़ रहा काम'

सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वीआईपी सुरक्षा शाखा का काम हर दिन बढ़ रहा है। एक नई बटालियन और पीडीजी के साथ, इसकी संख्या 8,000 से अधिक कर्मियों की हो गई है। पिछले साल मई में पीडीजी को संसद भवन की सुरक्षा से वापस बुला लिया गया था और सीआईएसएफ को यह काम सौंपा गया था।

संसद से हटाए जाने के बाद से इसे अनौपचारिक रूप से वीआईपी सुरक्षा विंग से जोड़ा गया था, लेकिन मंगलवार को प्राप्त औपचारिक आदेश के बाद इसके कर्मियों का उपयोग उच्च जोखिम वाले गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा।

'सुरक्षा चूक का भुगतना पड़ा खामियाजा'

पीडीजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''बल ने संसद में पूरी निष्ठा और बिना किसी त्रुटि के अपना कर्तव्य निभाया, लेकिन फिर भी इसे 2023 में हुई बड़ी सुरक्षा चूक का खामियाजा भुगतना पड़ा। सीआरपीएफ के लिए इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी से बाहर निकलना दुर्भाग्यपूर्ण था।''

गत 13 दिसंबर, 2023 को संसद पर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी वाले दिन दो व्यक्ति शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए और उन्होंने वहां पीला धुआं छोड़ा तथा नारे लगाए। इसके कुछ ही समय बाद सांसदों ने उन्हें काबू में कर लिया।

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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