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आज 3.30 बजे सरकार-CJP के बीच फिर बैठक, क्या इस्तीफा देंगे प्रधान? जवाब देगी सरकार

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। सप्ताहांत के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त अवरोधक लगाए हैं और उन्हें भारी-भरकम लोहे की जंजीरों से बांध दिया है, ताकि सुरक्षा घेरों को तोड़ने या हटाने की हर कोशिश को नाकाम किया जा सके।

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सरकार और सीजेपी के बीच बैठक।

Photo : PTI

CJP-Govt meeting: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच शनिवार को एक बार फिर बातचीत होने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में यह बैठक शाम 3.30 बजे प्रस्तावित है। सरकार की ओर से इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और सीजेपी की ओर से आशुतोष रांका और सौरव दास शामिल होंगे। आज की इस बैठक में सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपना रुख स्पष्ट करेगी। सीजेपी को वह बता सकती है कि प्रधान इस्तीफा देंगे या नहीं। चूंकि, इस बैठक में प्रधान के इस्तीफे पर सरकार अपना रुख बताने वाली है, ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस बैठक से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता रांका ने साफ कर दिया कि प्रधान के इस्तीफे से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं। प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था काफी कड़ी

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। सप्ताहांत के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त अवरोधक लगाए हैं और उन्हें भारी-भरकम लोहे की जंजीरों से बांध दिया है, ताकि सुरक्षा घेरों को तोड़ने या हटाने की हर कोशिश को नाकाम किया जा सके। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दिल्ली में जारी आंदोलन के मद्देनजर उठाया गया है। कॉजपा परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। पुलिस को आशंका है कि सप्ताहांत में प्रदर्शनकारियों की संख्या और बढ़ सकती है।

कई स्तरों में लगाए गए अवरोधक

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली जिले के संवेदनशील इलाकों, विशेष रूप से जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल और अन्य रणनीतिक स्थानों पर लोहे के अवरोधक कई स्तरों में लगाए गए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, 'संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त अवरोधक लगाए गए हैं। इन्हें जंजीरों से बांधकर और 'वेल्डिंग’करके इस तरह मजबूत किया गया है कि इन्हें आसानी से हटाया या खिसकाया न जा सके। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा।’ इसके अलावा पूरे शहर में निगरानी और सुरक्षा उपाय भी बढ़ा दिए गए हैं।

इन जिलों में रखी जा रही विशेष निगरानी

सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली, मध्य और उत्तरी दिल्ली जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने या प्रतिबंधित इलाकों की ओर मार्च करने की आशंका है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी जिला पुलिस इकाइयों को अत्यधिक सतर्क रहने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें ऐसे असामाजिक तत्वों, हिस्ट्रीशीटर और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की अद्यतन सूची तैयार रखने को कहा गया है, जो प्रदर्शन का फायदा उठाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।

किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है-पुलिस

पुलिस के एक सूत्र ने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल के आसपास लगाई गई चेहरा पहचान प्रणाली (फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम) ने पिछले कुछ दिनों में वहां आने वाले आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से अधिक लोगों की पहचान की है। यह प्रणाली ऐसे लोगों की पहचान होते ही मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क कर देती है, ताकि उन पर गोपनीय रूप से नजर रखी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर उनकी पहचान का सत्यापन किया जा सके। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा योजना के तहत संवेदनशील स्थानों पर तोड़फोड़ रोकने संबंधी जांच, वाहनों की सघन तलाशी और गश्त भी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन व्यापक सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करना है और सप्ताहांत में संभवत: भीड़ बढ़ने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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