पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस ने देश में हिन्दू-मुस्लिम राजनीति की शुरुआत बहुत पहले कर दी थी। वहीं अब केरल में कांग्रेस ने उस मुस्लिम लीग से समझौता किया, जिसने भारत का विभाजन करवाया। यह समझौता बताता है कि कांग्रेस मुस्लिम परस्त पार्टी है और मुस्लिम लीग की भाषा बोलती हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को इतिहास से सीख लेनी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने दो बार प्रतिबंध लगाया, लेकिन दोनों बार मुंह की खानी पड़ी। 1948 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाया गया और 1975 में देश पर आपातकाल थोपा गया, लेकिन दोनों ही फैसले कांग्रेस पार्टी को झकमार कर वापस लेने पड़े।
बता दें कि अशोक गहलोत ने जयपुर में मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि बीजेपी राजनीतिक पार्टी होकर धर्म की राजनीति करती है, आज इंदिरा गांधी जैसी नेता होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती।
घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत राहुल गांधी को अपना नेता मान रहे है, उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी 99 चुनाव हार चुकी है और हम चाहते हैं कि राहुल गांधी अपना शतक पूरा करें। सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस देश को बांटने का काम करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी बिना किसी भेदभाव के राष्ट्र विकास और राष्ट्र प्रथम की नीति पर काम कर रही है। केन्द्र सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं।
जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना 13.45 लाख, उज्ज्वला योजना 37 प्रतिशत, मुद्रा योजना 36 प्रतिशत, पीएम किसान सम्मान निधि 33 प्रतिशत, स्किल इंडिया 22 प्रतिशत लाभ मुस्लिम वर्ग के लोगों को दिया है। इतना ही नहीं, 3 करोड़ अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाओं में से 1.63 करोड़ इस वर्ग के छात्र है। भाजपा सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ कार्य किया है।
राहुल गांधी के कोटा में स्टूडेंट्स से संवाद कार्यक्रम को लेकर घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जिस नीट के पेपर को राहुल गांधी लीक बताकर घूम रहे हैं। वो नीट का पेपर लीक नहीं, कॉम्प्रोमाइज हुआ हैं। उन्होंने कहा कि लीक का मतलब होता है कि पूरा पेपर आउट हो गया हो। जबकि इस पेपर के कुछ सवाल रटकर कुछ अन्य लोगों को बताए गए थे। ऐसे में पेपर का एक भाग कॉम्प्रोमाइज हुआ था।
सचिन पायलट और कांग्रेस के अंदरूनी विवादों पर तिवाड़ी ने कहा, अशोक गहलोत की स्थिति अब पार्टी में कमजोर हो चुकी है। न दिल्ली नेतृत्व सुन रहा और न प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व बात मानता है। तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने को ही गहलोत ऐसे विवादित बयान दे रहे हैं। वहीं राजस्थान में कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन पर तिवाड़ी ने एक लाइन में कहा, एनिमल्स पर कॉग्निजेंट नहीं लेना चाहिए।
