G20 Security: राजधानी दिल्ली में अगले महीने यानी सितंबर में जी-20 का शिखर सम्मेलन होना है। इस आयोजन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, चीन के शी जिनपिंग, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक समेत दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष शिरकत करेंगे। इस खास आयोजन के लिए दिल्ली में 8, 9 व 10 सितंबर को छुट्टी घोषित कर दी गई है। स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजारों को भी बंद कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर नजर भी रखी जा रही है।
सबसे खास बात यह है कि सिर्फ भारत की IB और RAW ही नहीं CIA,MI-6,MSS जैसी खुफिया एजेंसियां भी दिल्ली पर नजरें जमाए हुए हैं और 24 घंटे भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ तालमेल बिठा रही हैं। सूत्रों की मानें तो कई खुफिया एजेंसियों के सीक्रेट एजेंट्स ने दिल्ली में डेरा भी जमा लिया है और हर संदिग्ध गतिविधि पर उनकी नजर है।
RAW और IB ने बनाई खास डेस्क
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, IB और RAW ने एक खास डेस्क बनाया है, जो अमेरिका की CIA, चीन की MSS, ब्रिटेन की MI-6 जैसी खुफिया एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और तालमेल बिठाकर काम कर रही है। इसके अलावा जी-20 सम्मेलन के लिए दिल्ली पुलिस, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), अर्धसैनिक बलों के साथ सेना के अधिकारियों को भी सम्मेलन स्थल के पास तैनात किया गया है, जो जमीन से लेकर आसमान तक नजरें टिकाए हुए हैं। NSG की एक दर्जन से ज्यादा टीमों की तैनाती कार्यक्रम स्थल वाली जगहों के आसपास की गई हैं।
ड्रोन से रखी जाएगी नजर, AI मॉड्यूल से होगी जांच
दिल्ली के आसमान की सुरक्षा अचूक करने के लिए एयरफोर्स से भी मदद ली जा रही है। एयरफोर्स और भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर लगातार आसमान में चक्कर लगाएंगे और इनमें भी NSG के कमांडो की तैनाती रहेगी। इसके अलावा ड्रोन की मदद से भी दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। हाई राइज इमारतों पर सेना के स्नाइपर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए AI मॉड्यूल की मदद ली जाएगी, जिससे किसी भी व्यक्ति की असामान्य हरकत का अलर्ट भेजेगा।
होटलों में तैनात होगी हाउस इंटरवेशन टीम
सूत्रों के मुताबिक, जिन होटलों में जी-20 के मेहमानों को ठहराया जाएगा, वहां हाउस इंटरवेंशन टीम की तैनाती की जाएगी। HIT दस्ते के जवान बंधक वाली स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड होते हैं। इसके अलावा खतरा देखते ही इन्हें गोली मारने का आदेश प्राप्त होता है। ये जवान अर्बन वॉरफेयर यानी नजदीकी लड़ाई लड़ने के लिए ट्रेंड किए जाते हैं।
