देश

प्रीडेटर ड्रोन से 10 गुना कम लागत और थर-थर कापेंगे दुश्मन! भारत के स्वदेशी बमवर्षक UAV ने भरी पहली सफल उड़ान

FWD 200B: देश ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। दरअसल, एक गुप्त स्थान पर पहले बमवर्षक UAV का सफल परीक्षण किया गया है। इसकी लागत अमेरिकी ड्रोन की तुलना में 10 गुना कम है। साथ ही यह बेहद मजबूत है।

Image

पहला स्वदेशी बमवर्षक UAV

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • रक्षा क्षेत्र में भारत की ऊंची उड़ान।
  • स्वदेशी बमवर्षक UAV की सफल उड़ान दर्ज।
  • दूसरे देशों से ड्रोन आयात करने की निर्भरता होगी कम।

FWD 200B: भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। स्वदेशी बमवर्षक मानवरहित विमान का सफल परीक्षण किया गया। यह विमान फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा उप-प्रणाली स्तर से स्वदेशी रूप से निर्मित किया गया है। भारत का स्वदेशी आत्याधुनिक लड़ाकू UAV अमेरिका के खूंखार प्रीडेटर ड्रोन की तुलना में बेहद सस्ता है।

कितनी है लागत?

माना जा रहा है कि स्वदेशी लड़ाकू UAV की लागत आयातित प्रीडेटर ड्रोन का एक दहाई है। आसान शब्दों में कहें तो दस स्वदेशी बमवर्षक UAV की लागल प्रीडेटर ड्रोन से दस गुना कम है। इस UAV की सफल उड़ान के साथ ही भारत अब उन्नत लड़ाकू मानवरहित विमानों से लैस देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

आत्मनिर्भरता की ओर एक और कदम

तुर्किये द्वारा भारत को बायरकटर UAV देने से इनकार किए जाने और अमेरिका द्वारा प्रीडेटर ड्रोन डील को दो साल के लिए रोकने के बाद स्वदेशी लड़ाकू UAV ने देश को आत्मनिर्भर बनाया। अब भारत उन देशों की सूची में शामिल हो गया जिनके पास खुद का मानवरहित बमवर्षक UAV है।

स्वदेशी UAV की सफल उड़ान

फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस (FWDA) ने गर्व के साथ भारत के पहले स्वदेशी मानवरहित बमवर्षक विमान FWD 200B की सफल उड़ान का जिक्र किया, जो देश के रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

स्वदेशी लड़ाकू UAV की खासियत

भारत को आधुनिक रक्षा क्षमताओं से लैस करने वाले इस यूएवी की मध्यम ऊंचाई 15,000 फीट, लंबी क्षमता (MALE) मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहन (UCAV) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। एफडब्ल्यूडी 200बी निगरानी के लिए ऑप्टिकल पेलोड और हवाई हमलों और बमबारी के लिए मिसाइल जैसे हथियारों से लैस है।

FWD_200B

स्वदेशी बमवर्षक UAV

स्वदेशी लड़ाकू UAV का सफल परीक्षण

एक गोपनीय स्थान पर सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद (FWD 200B) घरेलू स्तर पर लड़ाकू UAV के उत्पादन के भारत के लंबे समय से प्रतीक्षित सपने के पूरा होने का प्रतिनिधित्व करती है।

FWDA के संस्थापक और सीईओ सुहास तेजसंद ने कहा, "भारत पिछले पांच वर्षों में दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है और उसने अक्सर अमेरिका और इजरायल जैसे देशों से सैन्य प्रौद्योगिकी के लिए दस गुना तक कीमत चुकाई है। FWD 200B की सफल उड़ान न केवल हमारी कंपनी के लिए एक उपलब्धि है, बल्कि पूरे देश की जीत है।"

उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि स्वदेशी रूप से लड़ाकू यूएवी विकसित करने के लिए वर्षों के लगातार प्रयासों का परिणाम है, जिसमें चुनौतियों पर काबू पाया गया है, जो पहले अग्रणी रक्षा एजेंसियों द्वारा इसी तरह की पहल में बाधा बन रही थीं।

कैसे हुआ स्वदेशी लड़ाकू UAV का निर्माण

सुहास तेजसंद ने कहा कि विमान का वायुगतिकी डिजाइन, एयरफ्रेम, प्रणोदन प्रणाली, नियंत्रण प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक्स सभी भारत में FWDA की अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा में बनाए जाते हैं, जो 1.5 एकड़ भूमि पर निर्मित 12,000 वर्ग फुट में फैली हुई है, जो इलेक्ट्रॉनिक सिटी, बेंगलुरु में स्थित है।

बेहद शक्तिशाली है मानवरहित विमान

जानकारी के अनुसार, FWD 200B के पंखों का फैलाव 5 मीटर (16.4 फीट) और लंबाई 3.5 मीटर (12.1 फीट) है, जो इसे कॉम्पैक्ट होने के साथ-साथ शक्तिशाली भी बनाता है। अपने आकार के बावजूद यह विमान बहुत शक्तिशाली है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें