भूपेन बोरा 22 फरवरी को BJP में होंगे शामिल, मुलाकात के बाद बोले असम सीएम हिमंत सरमा
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 17, 2026, 11:24 PM IST
भूपेन बोरा से मुलाकात के बाद सीएम हिमंत सरमा ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, उनकी पार्टी (भाजपा) में बोरा के शामिल होने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए उनके साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने दावा किया कि बोरा का भाजपा में शामिल होना यह साबित करेगा कि कांग्रेस में हिंदुओं के लिए जगह नहीं है।
सीएम सरमा ने की भूपेन बोरा से मुलाकात
कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने मंगलवार को उनसे मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। बोरा के कांग्रेस से इस्तीफा देने के एक दिन बाद सरमा गुवाहाटी के घोरमारा इलाके में उनके आवास पर गए। बोरा की पत्नी और बेटे ने आरती कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
कांग्रेस में हिंदुओं के लिए जगह नहीं है- बोले हिमंत
भूपेन बोरा से मुलाकात के बाद सीएम हिमंत सरमा ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया, उनकी पार्टी (भाजपा) में बोरा के शामिल होने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए उनके साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने दावा किया कि बोरा का भाजपा में शामिल होना यह साबित करेगा कि कांग्रेस में हिंदुओं के लिए जगह नहीं है। सरमा ने दावा किया कि बोरा ने कांग्रेस में लंबे समय तक संघर्ष किया है, और भाजपा में उन्हें वह सब कुछ करने का मौका मिलेगा जो वह चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस को उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए था जिनके कारण बोरा को 32 साल बाद पार्टी छोड़नी पड़ी और उसे सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए थे। बोरा ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उन्हें इसे वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की। इसके बाद, उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए समय मांगा था।
कहा- बोरा कांग्रेस में आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता
उन्होंने कहा, वे यहां कांग्रेस के आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता हैं जिनका पार्टी में कोई पारिवारिक इतिहास नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बोरा, जो 2021 से 2025 तक राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रहे, विपक्षी दल में लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें भाजपा में अपनी मनमर्जी करने का मंच मिलेगा। 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हिमंत सरमा ने कहा कि उनकी बोरा से लंबे समय बाद मुलाकात हुई।
उन्होंने आगे कहा, हमने राजनीति पर ज्यादा बात नहीं की, बल्कि पुराने दिनों की यादें ताजा कीं। बोरा जिस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, उस पर पूछे जाने पर सरमा ने कहा, वे विधानसभा सीट के बदले भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसमें कोई सौदेबाजी नहीं है... जरूरत पड़ने पर वे जलुकबारी (मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र) से भी चुनाव लड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि कांग्रेस मुद्दों को तुष्टीकरण के साथ सुलझाती है। उनके इस्तीफे के बाद ही पार्टी नेतृत्व उनके आवास पर पहुंचा।
रायजोर दल में शामिल हो जाएंगे कांग्रेस के मुस्लिम नेता
सरमा ने कहा कि बोराह का भाजपा में शामिल होना फायदेमंद होगा क्योंकि वे एक जमीनी नेता हैं और उनके इस्तीफे का कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ेगा, जिससे कई कार्यकर्ता उनका अनुसरण कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में कई जमीनी मुस्लिम नेता भी हैं जो निराश हैं और भविष्य में अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि 2031 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को कांग्रेस नहीं बल्कि रायजोर दल का सामना करना पड़ेगा।
सीएम सरमा ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और उनके परिवार के पाकिस्तानी संबंधों के बारे में अपने आरोपों को दोहराया। उन्होंने दावा किया कि धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन मुख्यधारा के असमिया लोगों को स्वीकार्य नहीं हैं, और कांग्रेस ने इसे समझा नहीं, फिर भी उन्हें माजुली जैसे स्थानों पर जिम्मेदारियां सौंप दीं, जो वैष्णव संस्कृति का केंद्र है। हालांकि, बोरा ने इस अवसर पर कुछ नहीं कहा।
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