Vande Bharat Sleeper Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए गए पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संबंध में रेलवे ने आदेश जारी किया है। इसके अनुसार यह ट्रेन 22 जनवरी से कामाख्या से हावड़ा के बीच आम यात्रियों के लिए व्यावसायिक रूप से संचालित की जाएगी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस ट्रेन का नाम और नंबर सॉफ्टवेयर सिस्टम में जोड़ दिया गया है, जिससे यात्री IRCTC और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से, साथ ही रेलवे के आरक्षण काउंटरों से भी बर्थ की बुकिंग कर सकेंगे।
14 घंटे में पूरा होगा सफर
जीएसटी सहित दोनों स्टेशनों के बीच यात्रा किराया थर्ड एसी के लिए 2,435 रुपये, सेकंड एसी के लिए 3,145 रुपये और फर्स्ट एसी के लिए 3,855 रुपये तय किया गया है। यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरे सफर को 14 घंटे में पूरा करेगी, जिससे यह इस मार्ग पर चलने वाली सबसे तेज ट्रेन बन जाएगी। फिलहाल इस रूट पर सबसे कम समय लेने वाली ट्रेन सरायघाट एक्सप्रेस है, जो यह दूरी 16 घंटे 23 मिनट में तय करती है। हालांकि, वंदे भारत स्लीपर का किराया, खासकर सेकंड और थर्ड एसी क्लासेस में, सरायघाट एक्सप्रेस की तुलना में काफी अधिक है।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
सरायघाट एक्सप्रेस का किराया (जीएसटी और सुपरफास्ट शुल्क सहित) फर्स्ट एसी के लिए 3,320 रुपये, सेकंड एसी के लिए 1,985 रुपये और थर्ड एसी के लिए 1,410 रुपये है। इसकी तुलना में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया थर्ड एसी में 72 प्रतिशत, सेकंड एसी में 58 प्रतिशत और फर्स्ट एसी में 16 प्रतिशत अधिक है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और कई अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इसके अधिक किराये को उचित ठहराती हैं।
क्या है टाइम शेड्यूल?
दोनों शहरों के बीच विमान का किराया आमतौर पर 3,500 से 4,500 रुपये के बीच रहता है। रेलवे मंत्रालय ने 8 जनवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी कर ट्रेन के टाइम शेड्यूल और ठहराव की जानकारी दी। सर्कुलर के अनुसार, एक ट्रेन सेट (ट्रेन संख्या 27576) शाम 6:15 बजे कामाख्या से रवाना होकर 13 स्टेशनों पर रुकते हुए अगली सुबह 8:15 बजे हावड़ा पहुंचेगा। यह ट्रेन 972 किलोमीटर की दूरी 14 घंटे में तय करेगी। दूसरा ट्रेन सेट (ट्रेन संख्या 27575) शाम 6:20 बजे हावड़ा से प्रस्थान करेगा और अगली सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगा। कामाख्या और हावड़ा के बीच जिन 13 स्टेशनों पर ठहराव होगा, वे रंगिया, न्यू बंगाईगांव, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कूचबिहार, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, अलुआबाड़ी रोड, मालदा टाउन, न्यू फरक्का, अजीमगंज, कटवा, नवदीप धाम और बण्डेल हैं।
रात के सफर के लिए सुरक्षित और आरामदायक
रेलवे मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस स्लीपर ट्रेन सेट में कुल 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिनमें एक एसी फर्स्ट क्लास, चार एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर कोच शामिल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह ट्रेन सुरक्षित और आरामदायक रात्रि यात्रा के लिए तैयार की गई है और इसमें लगभग 823 यात्रियों की क्षमता है। अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों को आने वाले दशकों में भारत के यात्री रेल आधुनिकीकरण का प्रमुख आधार माना जा रहा है। उनके अनुसार, 2047 तक वंदे भारत बेड़े को लगभग 4,500 ट्रेन सेट तक विस्तारित करने की योजना है, जो देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप होगी। भविष्य की रणनीति के तहत, मध्यम अवधि में 2030 तक लगभग 800 वंदे भारत ट्रेन सेट संचालित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और निर्माण क्षमता पर निर्भर करेगा।
