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पहले अक्षय शिंदे का एनकाउंटर, अब दोनों ट्रस्टी गिरफ्तार; बदलापुर यौन उत्पीड़न केस में एक्शन में पुलिस

Badlapur Rape Case: बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में अब दोनों ट्रस्टी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कर्जत में उस स्कूल के अध्यक्ष उदय कोतवाल और सचिव तुषार आप्टे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जहां एक सफाई कर्मचारी ने दो नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया था।

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बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में अब दोनों ट्रस्टी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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Badlapur Rape Case: ठाणे क्राइम ब्रांच ने बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, स्कूल के अध्यक्ष उदय कोतवाल और सचिव तुषार आप्टे को कर्जत से गिरफ्तार किया गया है, जहां दो नाबालिग लड़कियों के साथ एक सफाई कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न किया था। यह गिरफ्तारियां बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा कोतवाल और आप्टे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के एक दिन बाद हुई।

इस मामले का मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे सितंबर माह की शुरूआत में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। ठाणे पुलिस के अनुसार, अक्षय शिंदे को उसकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए एक नए मामले के सिलसिले में तलोजा जेल से बदलापुर स्थानांतरित किया जा रहा था। स्थानांतरण के दौरान, उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी से हथियार छीन लिया और गोली चला दी। शिंदे मुंब्रा बाईपास के पास घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

विपक्ष ने एकनाथ शिंदे सरकार पर साधा निशाना

विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने मुठभेड़ को लेकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि दो नाबालिग लड़कियों से जुड़े बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में महायुति सरकार का रवैया भयावह है! पहले तो एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई और अब मुख्य आरोपी की हिरासत में हत्या कर दी गई! यह कानून प्रवर्तन और न्याय प्रणाली की पूर्ण विफलता को दर्शाता है। यह अक्षम्य है और महाराष्ट्र के लोगों को न्याय से वंचित करता है जिसके वे हकदार हैं।

सितंबर में बदलापुर बलात्कार मामले में आरोपी और पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अक्षय शिंदे के परिवार ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। परिवार ने शिंदे के लिए दफनाने के लिए जगह खोजने की अनुमति मांगी, क्योंकि उन्हें उसकी कब्र के लिए जमीन खोजने में दिक्कत आ रही थी। सूत्रों के अनुसार, परिवार ने पहले बदलापुर और फिर अंबरनाथ में दफन करने की जगह पाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। इन चुनौतियों के कारण, उन्होंने अपने वकील अमित कटरनवरे के माध्यम से बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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