Falta Election Result 2026: पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीट फालता से बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने जीत दर्ज कर ली। उन्होंने 109021 वोटों के अंतर से चुनाव जीता। इस सीट पर 21 मई को दोबारा चुनाव हुआ था। बीजेपी उम्मीदवार की इस जीत पर बंगाल के मुख्मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुशी जाहिर करते हुए एक सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा। इस पोस्ट में उन्होंने टीएमसी पर जमकर निशाना साधा।
इतना ही नहीं उन्होंने हार्बर मॉडल धवस्त हो गया। इतना ही नहीं, शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी कैंडिडेट जहांगीर खान के चौथे नंबर पर फिसलने और 10 हजार से कम वोट मिलने पर तंज कसते हुए कहा कि आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को नोटा (NOTA) से लड़ना पड़ेगा।
शुभेंदु अधिकारी ने लिखा है कि एक ऐसी पार्टी जो सिद्धांतों और विचारधारा से पूरी तरह खाली थी, और जो एक ‘माफिया कंपनी’ में बदल चुकी थी, सत्ता गंवाने के बाद उसका असली नंगा सच सबके सामने आ गया है। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके, इस पार्टी ने जनता के पैसे को लूटा, लोगों की गाढ़ी कमाई को जबरदस्ती वसूला, और सिंडिकेट तथा धमकियों के कल्चर के जरिए उस पर कब्जा कर लिया। इसके नेताओं ने तो पूरे राज्य को अपनी ‘निजी जागीर’ ही मान लिया था।
उन्होंने आगे लिखा,"यह तो अभी बस शुरुआत है, अब हमें ‘अस्वीकृति’ की एक लंबी यात्रा तय करनी है। आने वाले दिनों में, तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को चुनावों में ‘NOTA’ (नोटा) के खिलाफ एक कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को तो त्रिपुरा राज्य विधानसभा चुनावों में ‘NOTA’ से भी हार का मुंह देखना पड़ा था। पश्चिम बंगाल की जनता आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में भी इस ज़ोरदार मुकाबले को देखने का बेसब्री से इंतज़ार कर रही है।"
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से क्या की अपील?
इस सीट पर मिली करारी हार के बाद टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हुए पुनर्मतदान की मतगणना ने कई चौंकाने वाली विसंगतियों को उजागर कर दिया है। आज दोपहर 3:30 बजे तक, सभी 21 चरण पूरे हो चुके थे, जबकि 4 मई को ठीक इसी समय तक केवल 2 से 4 चरण ही पूरे हो पाए थे। देश चुनाव आयोग (ECI) से इस बारे में स्पष्टीकरण का हकदार है, हालांकि पिछले 10 दिनों में फलता के 1000 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है, फिर भी चुनाव आयोग ने इस पर आंखें मूंदे रखीं। दिन-दहाड़े पार्टियों के दफ्तरों में तोड़-फोड़ की गई, जबकि उस समय आदर्श आचार संहिता लागू थी।"
चुनाव में किसे कितनी सीटें मिली?
पुनर्मतदान में पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
बीजेपी की हुईं 208 सीटें
इस जीत के साथ, निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में राज्य विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। हालांकि, प्रभावी विधानसभा संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि अधिकारी ने नंदीग्राम सीट खाली करके भवानीपुर सीट बरकरार रखी है।
पीएम मोदी ने भी दी जीत की बधाई
पीएम मोदी ने भी फालता में जीत पर देग्बांशु पांडा को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'फालता की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है! लोकतंत्र की जीत हुई है और डराने-धमकाने की राजनीति हार गई है। फालता से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने पर श्री देग्बांशु पांडा जी को हार्दिक बधाई। यह पश्चिम बंगाल की जनता के भारतीय जनता पार्टी के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। लोग राज्य सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देख रहे हैं और इसी कारण उन्होंने हमें आगे भी आशीर्वाद देने का निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल भर के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके शानदार प्रयासों के लिए मेरी ओर से बधाई। हम आने वाले समय में भी पश्चिम बंगाल के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।'
