देश

सावधान ! करते हैं बिग बी की तस्वीर,आवाज का धड़ल्ले से यूज, इन कामों पर आ सकता है नोटिस

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 25, 2022, 04:58 PM IST

Amitabh Bachchan's Photo and Voice: अमिताभ बच्चन के का केस लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि राहत न केवल मुकदमे में नामित लोगों के खिलाफ है, बल्कि उन अनाम या अज्ञात पक्षों के खिलाफ भी है जो बच्चन के प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।ऐसी टी-शर्ट भी बेची जा रही हैं, जिन पर उनकी तस्वीर छपी है।

Amitabh Bachchan's Photo and Voice: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश के तहत, अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज, तस्वीर आदि के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अदालत ने दूरसंचार अधिकारियों को उन वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है जिन पर अमिताभ बच्चन के अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री मौजूद हैं। इसके अलावा टेलीकॉम सेवाएं देने वाली कंपनियों को ऐसे संदेशों को प्रसारित करने वाले टेलीफोन नंबर को भी ‘ब्लॉक’ करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट के इस आदेश से साफ है कि अमिताभ बच्चन की तस्वीर और आवाज का धड़ल्ले से इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अनधिकृत रूप से ऐसा करता है तो उसके कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

इन चीजों पर लगेगी रोक

असल में अमिताभ बच्चन ने एक याचिका दायर करते हुए KBC लॉटरी चलाने वालों सहित कई लोगों पर , उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर उसके प्रचार के अधिकार का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। जिसके आधार पर कोर्ट ने यह कार्रवाई की है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि बच्चन एक लोकप्रिय शख्सियत हैं और यदि उन्हें इस स्तर पर राहत नहीं दी गई तो उन्हें एक अपूरणीय क्षति व बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। न्यामूर्ति का कहना था कि उनका मानना है कि वादी ने एक पक्षीय अंतरिम राहत हासिल करने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त दलील पेश की है।

टी-शर्ट भी दायरे में

अमिताभ बच्चन के का केस लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि राहत न केवल मुकदमे में नामित लोगों के खिलाफ है, बल्कि उन अनाम या अज्ञात पक्षों के खिलाफ भी है जो बच्चन के प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।उन्होंने कहा कि लॉटरी के अलावा कई अन्य काम भी उनके नाम पर चलाए जा रहे हैं। ऐसी टी-शर्ट भी बेची जा रही हैं, जिन पर उनकी तस्वीर छपी है। ये सब अनधिकृत इस्तेमाल के दायरे में आ सकते हैं।

फैसले का क्या है मतलब

अमिताभ बच्चन की अनुमति के बिना कई छोटी-बड़ी कंपनियां, बिना परमिशन के उनकी फोटो, आवाज और नाम का इस्तेमाल करती हैं। यहां तक कि कई विज्ञापनों में उनकी इजाजत के बिना चेहरा दिखाया जाता है। इसी बात को लेकर अमिताभ के वकील हरीश साल्वे ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इसमें अपील की गई थी कि कमर्शियल इंडस्ट्री में इस पर रोक लगानी चाहिए।

इसी तरह कोई टी-शर्ट बना रहा है और उन पर उनका चेहरा लगाने लगा है। कोई अपना पोस्टर बेच रहा है। किसी ने जाकर एक डोमेन नाम amitabhbachchan.com पंजीकृत कर लिया है। इस तरह की चीजों पर रोक लगाने के लिए ये कदम उठाया गया है।

साफ है कि अमिताभ बच्चन की मंजूरी लिए बिना जो भी वाणिज्यिक गतविधियां की जाएंगी, उस पर कानूनी डंडा चल सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article