Rajinder Khanna : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की टीम और मजबूत हो गई है। सरकार ने उनकी टीम में नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। डिप्टी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और R&AW के पूर्व चीफ राजिंदर खन्ना को एडिशनल नेशनल सेक्युरिटी एडवाइजर बनाया गया है। यही नई टीवी रविचंद्रन और पवन कपूर की नियुक्ति उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद पर हुई है। रविचंद्रन अभी इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डाइरेक्टर और कपूर विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के रूप में काम कर रहे हैं।
रॉ के चीफ रह चुके हैं
गत मंगलवार को सरकार ने इन नई नियुक्तियों के सिलसिले में एक अधिसूचना जारी की। ये सभी अधिकारी एनएसए अजीत डोभाल के साथ काम करेंगे। खन्ना साल 2014 से 2016 तक भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ रह चुके हैं। कुछ दिनों पहले एनएसए डोभाल को भी एनएसए पद पर तीसरा कार्यकाल मिला। समझा जाता है कि एनएसए के साथ इन अधिकारियों का तालमेल अच्छा है।
कई अहम पदों पर रह चुके हैं खन्ना
राजिंदर खन्ना 1978 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। वह अब तक कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। खन्ना को पाकिस्तान के विषयों और आतंकविरोधी अभियानों में महारत हासिल है। वह प्रौद्योगिकी एवं खुफिया विभाग भी संभाल चुके हैं। खन्ना पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल सहित पड़ोसी देशों की नीति दस्तावेज तैयार करने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवा दे चुके हैं।
विदेश सचिव बनेंगे विक्रम मिस्री
उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिस्री देश के अगले विदेश सचिव बनेंगे। भारत सरकार ने इस पद पर शुक्रवार को उनकी नियुक्ति की। मिस्री 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी हैं। वह 15 जुलाई से अपना नया पद भार संभालेंगे। अभी वह उप राष्ट्रीय सलाहकार हैं। वह मौजूदा विदेश सचिव विनय क्वात्रा की जगह लेंगे। छह महीने का सेवा विस्तार पाए क्वात्रा 14 जून तक विदेश सचिव पद पर रहेंगे। क्वात्रा के बारे में चर्चा है कि उन्हें अमेरिका में भारत का राजदूत नियुक्त किया जा सकता है। मिस्री को चीन मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है। 2020 की गलवान घाटी की झड़प के बाद वह चीन में भारत के राजदूत रहे। गलवान झड़प के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी प्रशासन के साथ बातचीत में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
