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'हम मुस्लिम हैं, तूफान आने पर भी अल्लाहु अकबर बोलते हैं', पहलगाम हमले के वीडियो पर बोले जिपलाइन ऑपरेटर के पिता

Zipline Operator Video : सोशल मीडिया में हमले के वक्त का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में गुजरात के पर्यटक रिषी भट्ट जिपलाइन का लुत्फ उठा रहे हैं, इसी बीच नीचे फायरिंग होने लगती है। फायरिंग की आवाज सुनाई देने पर मुजम्मिल 'अल्लाहु अकबर' बोलता हुआ सुनाई देता है। भट का आरोप है कि उसने तीन बार 'अल्लाहु अकबर' बोला।

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जिपलाइन ऑपरेटर से पुलिस ने की पूछताछ।

Zipline Operator Video : बैसरण घाटी में आतंकवादी हमले के वक्त 'अल्लाहु अकबर' बोलने वाले जिपलाइन ऑपरेटर मुजम्मिल के पिता अब्दुल अजीज ने अपने बेटे का बचाव किया है। अजीज ने मंगलवार को कहा कि उनका बेटा डर गया था और इस जघन्य हमले के बाद रो रहा था। अजीज ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, 'अभी मुजम्मिल पुलिस के पास है। वह बहुत ही डरा हुआ है। हमले के वक्त वह रोने लगा।' यह पूछे जाने पर कि हमले के वक्त उनका बेटा 'अल्लाहु अकबर' बोलते हुए देखा गया।

मेरे बेटे की कोई गलत मंशा नहीं थी-पिता

इस पर उन्होंने कहा कि 'यहां तक कि तूफान के आने पर भी हम लोग अल्लाहु अकबर बोलते हैं। ऐसा बोलने में क्या गलत है? मुजम्मिल केवल जिपालाइन का ही काम करता था, उसके पास कोई और काम नहीं है।' पिता ने कहा कि उनका बेटा केवल अपना काम कर रहा था, उसकी कोई गलत मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा, 'यह जांच का विषय है। मैंने भी वह वीडियो देखा है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी। वहां पर सुरक्षा बल की तैनाती नहीं थी। पहलगाम में बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं, यह बात भारत सरकार को छोड़कर सभी को पता थी।'

गुजरात के पर्यटक ने बनाया वीडियो

सोशल मीडिया में हमले के वक्त का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में गुजरात के पर्यटक रिषी भट्ट जिपलाइन का लुत्फ उठा रहे हैं, इसी बीच नीचे फायरिंग होने लगती है। फायरिंग की आवाज सुनाई देने पर मुजम्मिल 'अल्लाहु अकबर' बोलता हुआ सुनाई देता है। भट का आरोप है कि उसने तीन बार 'अल्लाहु अकबर' बोला और इसके बाद आतंकियों ने फायरिंग करनी शुरू की। भट ने कहा कि उन्हें इस जिपलाइन ऑपरेटर पर संदेह है।

'मैंने पांच से छह लोगों को मारे जाते देखा'

भट ने कहा, 'मुझसे पहले नौ लोगों ने जिपलाइन के लिए आगे बढ़े लेकिन ऑपरेटर ने ऐसा कुछ नहीं बोला। जब मैं जिपलाइन के लिए सरकने ही वाला था कि उसने 'अल्लाहु अकबर' का नारा लगाया। इससे मेरा संदेह उस पर बढ़ गया। वह आम कश्मीरी की तरह दिख रहा था।' भट्ट ने आगे कहा, 'मैं जब जिपलिंग कर रहा था तो गोलीबारी शुरू हुई। करीब 20 सेकेंड के बाद मुझे लगा कि यह आतंकवादी हमला है। जमीन पर लोगों की हत्या हो रही थी। मैंने पांच से छह लोगों को मारे जाते देखा।' भट्ट का कहना है कि आतंकियों की गोलीबारी देख उन्होंने खुद को जिपलाइन से अलग किया और अपने परिवार के साथ भागकर एक गड्ढे में छिप गए। ऐसे उनकी और उनके परिवार की जान बची।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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