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निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला किया

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी राजेश कुमार सिंह को दक्षिण बंगाल का नया एडीजी नियुक्त किया गया है जबकि के. जयरमन को उत्तर बंगाल का एडीजी बनाया गया है। दोनों 1997 बैच के अधिकारी हैं। आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर के लिए नए पुलिस आयुक्तों की नियुक्ति की गई है।

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4 मई को आएंगे बंगाल चुनाव के नतीजे।

Photo : PTI

Bengal Election 2026: निर्वाचन आयोग (ईसी) ने विधानसभा चुनाव से पहले एक और फेरबदल करते हुए पश्चिम बंगाल में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और आयुक्तों समेत 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला करने का आदेश दिया। एक बयान के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी राजेश कुमार सिंह को दक्षिण बंगाल का नया एडीजी नियुक्त किया गया है जबकि के. जयरमन को उत्तर बंगाल का एडीजी बनाया गया है। दोनों 1997 बैच के अधिकारी हैं। आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर के लिए नए पुलिस आयुक्तों की नियुक्ति की गई है।

12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला

इसके अतिरिक्त 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों का भी तबादला किया गया है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी।

भाजपा ने जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली सूची

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को 144 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की। पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट कोलकाता के भबानीपुर से नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को चुनाव मैदान में उतारा है। शुभेंदु अपनी मौजूदा सीट नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में भाजपा द्वारा की गई घोषणा से संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी के इर्द-गिर्द चुनावी विमर्श को गढ़ने का प्रयास करेगी। वह चुनाव से पहले अपने मौजूदा विधायकों को काफी हद तक बरकरार रख रही है तथा अपनी सामाजिक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए विभिन्न व्यावसायिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को शामिल कर रही है।

23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे चुनाव

राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। भाजपा की पहली सूची में नंदीग्राम और भबानीपुर दोनों से शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी को सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, जो बंगाल में भाजपा के प्रमुख जमीनी कमांडर के रूप में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है। नंदीग्राम का इस मायने में राजनीतिक महत्व है कि 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का यह केंद्र था और इसी आंदोलन ने बनर्जी के सत्ता में आने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन 2021 में यह सबसे नाटकीय चुनावी लड़ाइयों का भी तब गवाह बना जब अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनर्जी को लगभग 1,900 मतों से हरा दिया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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