Shiv Sena Controversy: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के पास कोई अधिकार नहीं है।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि आयोग ने शिवसेना को लेकर ऐसा फैसला किया, जिसके तहत पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह ऐसे व्यक्ति को सौंप दिया गया जिसका पार्टी के भीतर कोई संबंध, कद या अस्तित्व नहीं था।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, संजय राउत ने कहा, ''चुनाव आयोग को कोई अधिकार नहीं है। मैंने पहले भी कहा है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जो निर्णय लिया है, वह किसी ऐसे व्यक्ति को दिया है, जिसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है... मैंने इतना ही कहा है कि चुनाव आयोग ने हमारी पार्टी को बेच दिया।''
संजय राउत की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आई। दरअसल, उद्धव ठाकरे गुट की ओर से चुनाव आयोग के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना माना गया था और उसे पार्टी का नाम तथा 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था।
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शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि उसे पहले यह देखना होगा कि क्या शिवसेना में विभाजन हुआ था, क्योंकि ऐसा विभाजन विधायक दल से शुरू हो सकता है और उसका असर संगठन एवं प्राथमिक सदस्यता तक पहुंच सकता है। इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ कर रही है।
सुनवाई के चौथे दिन न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा, ''पहले हमें यह देखना होगा कि क्या विभाजन हुआ है। विभाजन विधायक दल से शुरू हो सकता है, लेकिन उसका असर संगठन और प्राथमिक सदस्यता तक पहुंच सकता है।''
