Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में अंदर ही अंदर खिचड़ी पक रही है। कभी दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर साइलेंट वॉर करती हैं, तो कभी साथ-साथ होने का वादा करती हैं। ऐसा ही कुछ बीते दो से तीन दिनों में दिखाई दिया है।
दरअसल, एक दिन पहले एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने एक विज्ञापन जारी किया था। अखबारों में पहले पन्ने पर छपे विज्ञापन में एकनाथ शिंदे को भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से ज्यादा लोकप्रिय बताया गया था। इसमें एक सर्वेक्षण का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र के 26.1 प्रतिशत लोग एकनाथ शिंदे को और 23.2 प्रतिशत लोग देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। इस विज्ञापन का शीर्षक था- "केंद्र में मोदी, महाराष्ट्र में शिंदे सरकार।"
अब जारी किया नया विज्ञापन
महाराष्ट्र के अखबारों में मंगलवार को छपे विज्ञापन के बाद दोनों पार्टियों के बीच गुपचुप चल रही रार सामने आ गई, जिसके बाद डैमेज कंट्रोल का खेल शुरू हुआ। बुधवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने एक और विज्ञापन जारी किया। इस विज्ञापन में दोनों नेताओं (एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस) को विकास के चेहरे के रूप में दिखाया गया है। इस विज्ञापन में भी एक सर्वेक्षण का हवाला दिया गया है, जिसमें दिखाया गया है कि महाराष्ट्र में 49% से अधिक लोगों ने एकनाथ-फडणवीस की जोड़ी को वोट दिया।
विज्ञापन में दिखी बाला साहेब की तस्वीर
बुधवार को जारी किए गए विज्ञापन में बाला साहेब ठाकरे की तस्वीर भी है। जबकि एक दिन पहले जारी किए गए विज्ञापन में बाला साहेब की फोटो नहीं थी, जिसके बाद उद्धव गुट ने एकनाथ शिंदे की खूब आलोचना की थी। इसके अलावा इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और वरिष्ठ नेता आनंद दिघे की भी तस्वीर है। वहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए विज्ञापन में शिंदे सरकार के सभी मंत्रियों को भी शामिल किया गया है।
