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फडणवीस पर साइलेंट वॉर के बाद शिंदे का डैमेज कंट्रोल, शिवसेना ने जारी किया एक और विज्ञापन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 14, 2023, 04:21 PM IST

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने एक और विज्ञापन जारी किया। इस विज्ञापन में दोनों नेताओं (एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस) को विकास के चेहरे के रूप में दिखाया गया है। इस विज्ञापन में भी एक सर्वेक्षण का हवाला दिया गया है, जिसमें दिखाया गया है कि महाराष्ट्र में 49% से अधिक लोगों ने एकनाथ-फडणवीस की जोड़ी को वोट दिया।

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एकनाथ शिंदे- देवेंद्र फडणवीस

Photo : PTI

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में अंदर ही अंदर खिचड़ी पक रही है। कभी दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर साइलेंट वॉर करती हैं, तो कभी साथ-साथ होने का वादा करती हैं। ऐसा ही कुछ बीते दो से तीन दिनों में दिखाई दिया है।

दरअसल, एक दिन पहले एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने एक विज्ञापन जारी किया था। अखबारों में पहले पन्ने पर छपे विज्ञापन में एकनाथ शिंदे को भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से ज्यादा लोकप्रिय बताया गया था। इसमें एक सर्वेक्षण का भी हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र के 26.1 प्रतिशत लोग एकनाथ शिंदे को और 23.2 प्रतिशत लोग देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। इस विज्ञापन का शीर्षक था- "केंद्र में मोदी, महाराष्ट्र में शिंदे सरकार।"

अब जारी किया नया विज्ञापन

महाराष्ट्र के अखबारों में मंगलवार को छपे विज्ञापन के बाद दोनों पार्टियों के बीच गुपचुप चल रही रार सामने आ गई, जिसके बाद डैमेज कंट्रोल का खेल शुरू हुआ। बुधवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने एक और विज्ञापन जारी किया। इस विज्ञापन में दोनों नेताओं (एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस) को विकास के चेहरे के रूप में दिखाया गया है। इस विज्ञापन में भी एक सर्वेक्षण का हवाला दिया गया है, जिसमें दिखाया गया है कि महाराष्ट्र में 49% से अधिक लोगों ने एकनाथ-फडणवीस की जोड़ी को वोट दिया।

विज्ञापन में दिखी बाला साहेब की तस्वीर

बुधवार को जारी किए गए विज्ञापन में बाला साहेब ठाकरे की तस्वीर भी है। जबकि एक दिन पहले जारी किए गए विज्ञापन में बाला साहेब की फोटो नहीं थी, जिसके बाद उद्धव गुट ने एकनाथ शिंदे की खूब आलोचना की थी। इसके अलावा इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और वरिष्ठ नेता आनंद दिघे की भी तस्वीर है। वहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए विज्ञापन में शिंदे सरकार के सभी मंत्रियों को भी शामिल किया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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