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गुवाहाटी में ईडी की 34वीं तिमाही बैठक: नॉर्थ ईस्ट में सख्ती के संकेत, ED ने तय किया एक्शन प्लान

बैठक को पूर्वोत्तर में आयोजित करना एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ईडी ने इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति तेज़ी से बढ़ाई है, छह नए कार्यालय खोले गए हैं और लगभग सभी राज्यों में सक्रिय इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।

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गुवाहाटी में ईडी की बैठक।

असम की राजधानी गुवाहाटी में 19 से 21 फरवरी 2026 तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 34वीं तिमाही ज़ोनल अधिकारियों की कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। तीन दिनों तक चली इस अहम बैठक में संगठन की रणनीतिक दिशा, लंबित मामलों की समीक्षा और आगामी वित्त वर्ष के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन की अध्यक्षता ईडी निदेशक ने की,जिसमें मुख्यालय और फील्ड यूनिट्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

नॉर्थ ईस्ट क्यों बना केंद्र बिंदु?

बैठक को पूर्वोत्तर में आयोजित करना एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ईडी ने इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति तेज़ी से बढ़ाई है, छह नए कार्यालय खोले गए हैं और लगभग सभी राज्यों में सक्रिय इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। म्यांमार और बांग्लादेश से लगती सीमाओं के कारण यहां साइबर अपराध, ड्रग तस्करी और हवाला नेटवर्क के जोखिम अधिक हैं।

साल खत्म होने से पहले सख्त निर्देश

यह वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही बैठक थी,इसलिए लंबित जांचों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने, समय पर प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल करने और जब्त संपत्तियों को कानूनी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इस वर्ष 500 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल करने का लक्ष्य दोहराया गया।

डेटा इंटीग्रिटी पर जोर

ईडी के आंतरिक केस मैनेजमेंट सिस्टम में दर्ज आंकड़ों की शुद्धता को प्राथमिकता दी गई। ECIR, अटैचमेंट, पेनल्टी और शिकायतों के आंकड़ों का 31 मार्च 2026 से पहले मिलान कर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।

किन मामलों पर रहेगा फोकस?

  • सम्मेलन में कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई
  • दुबई और सिंगापुर जैसे देशों में छिपाई गई संपत्तियां
  • ट्रेड बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग
  • IBC का दुरुपयोग
  • डिजिटल अरेस्ट स्कैम और साइबर फ्रॉड
  • ड्रग माफिया की फाइनेंशियल चेन
  • अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग
  • शेयर बाजार में हेरफेर
  • संदिग्ध विदेशी फंडिंग
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संस्थागत मजबूती

विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने, MLAT और इंटरपोल चैनल के उपयोग पर बल दिया गया। साथ ही देशभर में कार्यालयों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रगति की समीक्षा भी हुई।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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