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SIR में वोटर लिस्ट से कटे नामों को चुनाव आयोग का एक और मौका, 7 राज्यों में फिर जमा कर सकेंगे 'एन्यूमरेशन फॉर्म'

चुनाव आयोग ने SIR के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए मतदाताओं को एक और मौका दिया है। दिल्ली समेत 6 राज्यों में छूटे वोटर फिर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर सकेंगे।

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SIR में वोटर लिस्ट से कटे नामों को चुनाव आयोग का एक और मौका

इलेक्शन कमीशन ने सात राज्यों में डिलीट किए गए वोटरों को फाइनल रोल में शामिल होने का नया मौका देने का फैसला किया है। इलेक्शन कमीशन के अनुसार, यह मौका उन वोटरों को दिया गया था जिन्हें एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लीकेट (ASD) के तौर पर मार्क किया गया था और जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म जारी तो हुए थे लेकिन वापस नहीं मिले, जिसके कारण चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्सरसाइज के दौरान उन्हें ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से बाहर कर दिया गया था।

EC ने अधिकारियों से एक मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने के लिए भी कहा है ताकि यह पक्का किया जा सके कि कोई भी योग्य वोटर फाइनल इलेक्टोरल रोल में शामिल होने के मौके से वंचित न रहे, और साथ ही डुप्लीकेट एनरोलमेंट को रोका जा सके।

'तो फार्म 6 जमा कर सकते हैं...'

चुनाव आयोग ने मंगलवार को वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत फार्म 6 के बारे में एक बड़ी सफाई जारी की, ताकि उन वोटरों के बीच कन्फ़्यूजन दूर किया जा सके जिनके नाम उनके अपने राज्यों के ड्राफ्ट वोटर रोल से गायब हैं। आयोग ने साफ किया है कि जो वोटर पहले रजिस्टर्ड थे लेकिन जिनके नाम ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे अपना नाम फिर से शामिल करवाने के लिए आसानी से फार्म 6 जमा कर सकते हैं।

'भले ही वे पिछले चुनावों में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड रहे हों या नहीं'

पहले से रजिस्टर्ड वोटरों को डर था कि ऐसा ऐलान करना रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1950 के सेक्शन 31 के तहत गलत जानकारी देने जैसा हो सकता है, जिससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। चुनाव आयोग ने साफ़ किया है कि फ़ॉर्म-6 में पहली बार नाम शामिल करने के बारे में ऐलान 1 अगस्त, 2022 से लागू है। हालांकि, जिस किसी का नाम ड्राफ्ट वोटर रोल से गायब है, उसे अपना नाम शामिल करवाने के लिए SIR प्रोसेस के तहत या उसके बाद एक नया फ़ॉर्म-6 एप्लीकेशन जमा करना होगा, भले ही वे पिछले चुनावों में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड रहे हों या नहीं।

कमीशन ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसे हालात में Form-6 जमा करना सिर्फ़ इस आधार पर गलत घोषणा नहीं मानी जाएगी कि आवेदक पहले वोटर रोल में रजिस्टर्ड था। इलेक्शन कमीशन ने आगे निर्देश दिया है कि कोई भी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) सिर्फ इसलिए सेक्शन 31 के तहत केस शुरू न करे क्योंकि कोई व्यक्ति पहले वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड था और उसने फिर से Form-6 जमा किया है।

एक जरूरी शर्त है

आवेदक का नाम पहले से किसी दूसरे संसदीय या विधानसभा चुनाव क्षेत्र में रजिस्टर्ड नहीं होना चाहिए। इस सफाई का मकसद यह पक्का करना है कि जिन योग्य वोटरों के नाम ड्राफ़्ट वोटर रोल से हटा दिए गए हैं, वे कानूनी नतीजों के डर के बिना दोबारा अप्लाई कर सकें।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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