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Earthquake in Delhi: दिल्ली -एनसीआर में भूकंप के झटके, पाकिस्तान में था केंद्र, घरों से बाहर निकले लोग

Earthquake in Delhi, North India: पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए हैं। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक यह भूकंप 12 बजकर 58 मिनट पर आया।

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भूकंप के झटके।

KEY HIGHLIGHTS
  • भूकंप के झटकों से हिली दिल्ली और एनसीआर की धरती
  • पाकिस्तान में था भूकंप का केंद्र, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.8
  • उत्तर भारत और पाकिस्तान के कई इलाकों में महसूस किए गए झटके

Earthquake in Delhi, North India: पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए हैं। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 बताई गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक यह भूकंप 12 बजकर 58 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के कारोर लाल से 35 किलोमीटर दूर सतह से 10 किमी नीचे था। झटके इस्लामाबाद और लाहौर में भी महसूस किए गए। इस भूकंप के झटके राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी महसूस किए गए। झटके महसूस होने के बाद लोग इमारतों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टं के मुताबिक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

इससे पहले भारत में गत एक सितंबर को भूकंप आया था। असम के मोरीगांव में 3.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। तड़के 3 बजकर 36 मिनट पर आए इस भूकंप की गहराई सतह से 23 किलोमीटर भीतर थी।

पाकिस्तान के बड़े इलाके में महसूस हुए झटके

इस भूकंप के बारे में सोशल मीडिया में लोगों ने दावा किया कि झटके पेशावर, इस्लामाबाद, लाहौर और भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर में महसूस किए गए। ट्रिब्यून पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के झटके लाहौर, इस्लामाबाद, पेशावर, मलाकंद, मुल्तान, भक्कर, लक्की, मारवात, स्वात, साउथ वजीरिस्तान, चितराल, कमालिया, हफीजााद, गुजरात, सहित कई इलाकों में महसूस किए गए।

इसलिए आता है भूकंप

पृथ्वी का निर्माण कई तरह की सतहों से मिलकर बना है, जिन्हें प्लेट्स कहते हैं। पृथ्वी की मुख्यत: चार परते हैं। इन्हें इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहा जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के नीचे ये प्लेट्स घूमती रहती हैं, इनके घूमते रहने से इनके आपस में टकराने की आशंका रहती है और जब ये प्लेट्स एक दूसरे से टकराती हैं तो पृथ्वी पर कंपन शुरू हो जाता है। भूकंप की तीव्रता का पता लगाने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है। रिक्टर स्केल पर 1 से 9 तक आए भूकंप के झटकों को मापा जाता है। भूकंप के दौरान पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे निकलती हैं। उसे रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लग पाता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र किस क्षेत्र में था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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