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लेह में सुबह-सुबह कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर दर्ज हुआ 3.7 तीव्रता का भूकंप

लद्दाख के लेह में सोमवार तड़के 3.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे स्थानीय लोगों में घबराहट फैल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 3:15 बजे दर्ज किया गया और इसका केंद्र सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। हल्के झटके के बावजूद सतही भूकंप होने के कारण इसका असर महसूस किया गया।

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लेह में 3.7 तीव्रता का भूकंप

Leh Earthquake: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप रिक्टर स्केल पर 3.7 तीव्रता का था। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। हल्का झटका होने के बावजूद, यह भूकंप स्थानीय लोगों के लिए घबराहट का कारण बना। NCS ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया कि भूकंप सुबह करीब 3:15 बजे दर्ज किया गया।

हिमालय में भूकंप क्यों आते हैं

हिमालयी क्षेत्र लगातार भूकंपीय दबाव में रहता है क्योंकि यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें आपस में भिड़ती रहती हैं। दोनों प्लेटों के बीच यह टक्कर धीरे-धीरे हिमालय की ऊंचाई को बढ़ाती है और भूकंप के झटकों की संभावना भी बनी रहती है। जब पृथ्वी की प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या खिसकती हैं, तो उनके बीच जमा हुआ दबाव अचानक निकलता है। इसी दबाव के रिलीज होने से भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं, जिन्हें हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।

कल म्यांमार में भी आया था भूकंप

बता दें कि इससे पहले रविवार सुबह म्यांमार की राजधानी नेप्यीडॉ और उसके आसपास के क्षेत्रों में 48 घंटों के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस साल पहले आए विनाशकारी भूकंप में 3500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिससे नागरिकों की चिंता और बढ़ गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, 16 नवंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 2:40 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिसे विशेषज्ञ सतही भूकंप या ‘शैलो क्वेक’ की श्रेणी में रखते हैं। इससे बाद में झटकों की आशंका अधिक रहती है।

सतही भूकंप होते हैं खतरनाक

भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, सतह के करीब आने वाले भूकंप अधिक खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि उनमें ऊर्जा तेजी से निकलती है और कंपन ज्यादा महसूस होता है। गहराई वाले भूकंपों की तुलना में उथले भूकंपों का असर ज्यादा हो सकता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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