Drone Attack on Merchant Ship MV Chem Pluto: मर्चेंट शिप (व्यापारिक जहाज) एमवी केम प्लूटो (MV Chem Pluto) पर संदिग्ध ड्रोन हमले से हुए नुकसान की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। सोमवार (25 दिसंबर, 2023) को ये फोटोज जारी होने के बाद रक्षा अधिकारियों ने कहा- भारतीय नौसेना की एक टीम हमले से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि अरब सागर में हमला कैसे किया गया। क्षेत्र में भारतीय और अन्य व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत क्षेत्र में अपनी गश्त को और बढ़ाएंगे।
अधिकारियों की ओर से यह भी बताया गया कि ड्रोन हमले का सामना करने वाले शिप के मुंबई पहुंचने पर नौसेना के विस्फोटक आयुध निरोधक दल ने उसका निरीक्षण किया। ड्रोन हमले के क्षेत्र का विश्लेषण, आगे और अधिक फॉरेंसिक व तकनीकी विश्लेषण जरूरी है। अरब सागर में वाणिज्यिक जलपोतों पर हाल में हुए हमलों के मद्देनजर नौसेना ने तीन युद्धपोतों को तैनात किया है।
वैसे, नौसेना ने जहाज पर मिसाइल और ड्रोन हमले का जवाब दिया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 23 दिसंबर को लगभग सात बजकर 45 मिनट पर एक मिसाइल या ड्रोन जैसी वस्तु के टकराने के बाद 22 चालक दल (21 भारतीय और एक वियतनामी) वाले जहाज में आग लगने की सूचना मिली थी।
त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय नौसेना ने नियमित निगरानी के लिए क्षेत्र में सक्रिय एक समुद्री गश्ती विमान को मोड़ दिया। भारतीय नौसेना ने भी स्थिति का आकलन करने और एमटी केम प्लूटो को सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय नौसैनिक जहाज मोर्मुगाओ को डायवर्ट किया।
नौसेना के समुद्री गश्ती विमान ने 23 दिसम्बर को प्लूटो के लिए उड़ान भरी और चालक दल के साथ संपर्क स्थापित किया। चालक दल ने बताया कि उसके सभी 22 सदस्य सुरक्षित हैं और आग बुझा ली गई है। नौसेना ने आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सभी भारतीय समुद्री एजेंसियों को वर्तमान परिस्थिति का विवरण भी दिया।
भारतीय नौसेना के जहाज मोर्मुगाओ ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि क्या किसी सहायता की आवश्यकता है, 23 दिसम्बर को एमटी केम प्लूटो से संपर्क किया। घटनास्थल पर मौजूद सीजीएस विक्रम को भी जहाज को मुंबई तक ले जाने का निर्देश दिया गया। नौसेना विस्फोटक आयुध निपटान (ईओडी) विशेषज्ञ जहाज को साफ करने और आगे की जांच करने के लिए मुंबई पहुंचने पर एमवी केम प्लूटो पर सवार होंगे।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारतीय नौसेना सभी हितधारकों के साथ स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रही है और क्षेत्र में व्यापारिक नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
