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भारत की अभेद्य सुरक्षा: DRDO ने किया 'मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस' का सफल परीक्षण; ICBM को भी मार गिराने में सक्षम

India Missile Test: DRDO ने शनिवार सुबह-सुबह एक के बाद एक तीन मिसाइल टेस्ट की जानकारी दी है। ये मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस ICBM को भी मार गिराने में सक्षम है।

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DRDO ने किया 'मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस' का सफल परीक्षण (फोटो- DRDO)

India Missile Test: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास रचते हुए अपनी रणनीतिक सुरक्षा को अभेद्य बना लिया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक के बाद एक लगातार तीन सफल फ्लाइट-टेस्ट करके देश की 'मल्टी-लेयर्ड' (बहुस्तरीय) हवाई सुरक्षा प्रणाली और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।

इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा और विशिष्ट (Elite) देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM - Intercontinental Ballistic Missile) जैसी घातक और लंबी दूरी की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की अचूक तकनीक है।

लगातार तीन सफल परीक्षण

DRDO द्वारा किए गए इन तीन लगातार परीक्षणों ने दुश्मन के अलग-अलग प्रकार के खतरों (हवाई और समुद्री) के खिलाफ भारत की मारक क्षमता को साबित किया है। परीक्षण के दौरान भारत के 'बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस' (BMD) सिस्टम ने पूरी सटीकता के साथ अपने लक्ष्यों को ट्रैक किया और हवा में ही नष्ट कर दिया। यह सिस्टम उभरते हुए आधुनिक मिसाइल खतरों से निपटने के लिए बेहद उन्नत और लेटेस्ट तकनीकों से लैस है। इस परीक्षण श्रृंखला के दौरान भारतीय नौसेना के लिए तैयार की गई 'नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज' (NASM-MR) का पहला (Maiden) सफल फ्लाइट-टेस्ट भी किया गया। इसने समंदर में मध्यम दूरी पर मौजूद दुश्मन के युद्धपोतों को तबाह करने की अपनी क्षमता को साबित किया है।

ICBM को रोकने वाले एलीट क्लब में शामिल हुआ भारत

इस सफल परीक्षण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब भारत लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ अत्यंत खतरनाक और महाद्वीपों को पार करने वाली ICBMs को भी रोकने और नष्ट करने की क्षमता हासिल कर चुका है। अब तक दुनिया के बेहद गिने-चुने देशों (जैसे अमेरिका, रूस, चीन और इजरायल) के पास ही यह तकनीक मौजूद थी, लेकिन अब भारत ने भी इस एलीट क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली है।

मल्टी-लेयर्ड डिफेंस क्यों है भारत के लिए गेम-चेंजर?

यह प्रणाली भारत की वायु सीमा को एक सुरक्षित 'कवच' प्रदान करती है। इसमें दुश्मन की मिसाइल को दो अलग-अलग स्तरों पर रोकने की क्षमता है:

  • एक्सो-एटमॉस्फेरिक (Exo-Atmospheric): अंतरिक्ष या पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर ही दुश्मन की मिसाइल को नष्ट करना।
  • एंडो-एटमॉस्फेरिक (Endo-Atmospheric): यदि मिसाइल वायुमंडल के अंदर आ जाए, तो उसे कम ऊंचाई पर ही हवा में उड़ा देना।

ये इंटरसेप्टर मिसाइलें आधुनिक रडार, एडवांस गाइडेंस सिस्टम और रीयल-टाइम ट्रैकिंग तकनीक से लैस हैं, जो पलक झपकते ही दुश्मन की चाल को नाकाम कर देती हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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