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हाइपरसोनिक तकनीक में DRDO की बड़ी छलांग, स्क्रैमजेट इंजन की 1200 सेकंड तक हुई सफलतापूर्वक टेस्टिंग

Scramjet Combustor Test: भारत ने हाइपरसोनिक तकनीक की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्क्रैमजेट कंबस्टर की 1200 सेकंड से अधिक समय तक सफलतापूर्वक टेस्टिंग की।

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डीआरडीओ को मिली बड़ी सफलता (फोटो साभार: @DRDO_India)

Photo : Twitter

Scramjet Combustor Test: भारत ने हाइपरसोनिक तकनीक की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 1200 सेकंड से अधिक समय तक उन्नत स्क्रैमजेट कंबस्टर की सफलतापूर्वक टेस्टिंग की। डीआरडीओ ने खुद इसकी जानकारी दी।

रक्षा मंत्री ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ, उद्योग साझेदारों और शिक्षाविदों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए मजबूत आधार बताया। पीआईबी के मुताबिक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस परीक्षण से जुड़ी टीमों को बधाई दी।

DRDO को मिली बड़ी कामयाबी

डीआरडीओ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए स्क्रैमजेट कंबस्टर की सफलत टेस्टिंग की जानकारी दी। डीआरडीओ ने बताया कि डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी ने स्क्रैमजेट तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

बकौल डीआरडीओ, प्रयोगशाला ने अपने उन्नत 'स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट' (SCPT) सुविधा में अपने 'एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर का एक व्यापक और लंबी अवधि का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण के दौरान स्क्रैमजेट कंबस्टर ने 1200 सेकंड से अधिक समय तक सफलतापूर्वक संचालन किया। यह उपलब्धि भारत की हाइपरसोनिक तकनीक और अगली पीढ़ी की मिसाइल प्रणालियों के विकास की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

किसने किया डिजाइन?

स्क्रैमजेट कंबस्टर को DRDL ने डिज़ाइन और विकसित किया है और इसे औद्योगिक भागीदारों की मदद से तैयार किया गया है। इस सफलता के साथ भारत उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं और आधुनिक युद्ध तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी देशों की कतार में पहुंच गया है।

यह उपलब्धि अत्याधुनिक सुपरसोनिक एयर-ब्रीदिंग इंजन तकनीक के जरिए हासिल की गई है, जिसमें स्वदेशी रूप से विकसित लिक्विड हाइड्रोकार्बन एंडोथर्मिक ईंधन, उच्च तापमान थर्मल बैरियर कोटिंग और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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