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DRDO: भारत ने किया पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का किया सफल परीक्षण, जानें क्या है खासियत

Anti tank Guided Missile System: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रूप से विकसित मैन-पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) का सफल परीक्षण किया।

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DRDO ने किया पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण

Photo : Twitter

DRDO ने स्वदेशी रूप से विकसित मानव-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) हथियार प्रणाली का सफलतापूर्वक फील्ड परीक्षण किया। डीआरडीओ अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने हाल ही में राजस्थान के जैसलमेर स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में भारत में निर्मित मानव-पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। जानकारी के अनुसार, इस हथियार प्रणाली को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने डिजाइन और विकसित किया है। समग्र प्रणाली में एमपीएटीजीएम, लांचर, लक्ष्य प्राप्ति उपकरण और एक अग्नि नियंत्रण इकाई शामिल है।

डीआरडीओ अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षण राजस्थान के जैसलमेर स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया। एमपी-एटीजीएम एक कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल प्रणाली है जिसे दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को बेअसर करने के लिए डिजाइन किया गया है। स्वदेशी रूप से विकसित यह टैंक रोधी मिसाइल कम वजन वाली, दागो और भूल जाओ मिसाइल है, जिसे थर्मल साइट से एकीकृत मानव पोर्टेबल लांचर से प्रक्षेपित किया जाता है।

एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल वेपन सिस्टम का भी हो चुका है परीक्षण

मिसाइल में नियंत्रण और मार्गदर्शन के लिए लघु इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर और उन्नत एवियोनिक्स लगाये गये हैं। पहले के परीक्षणों में मिसाइल का प्रदर्शन अधिकतम सीमा तक सिद्ध हो चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, एमपीएटीजीएम, जिसे ट्राइपॉड का उपयोग करके प्रक्षेपित किया जाता है, को 2.5 किमी की अधिकतम सीमा के लिए डिजाइन किया गया है, तथा इसका प्रक्षेपण भार 15 किलोग्राम से कम है। इससे पहले अप्रैल में डीआरडीओ और भारतीय सेना ने स्वदेशी मानव पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण किया था। 13 अप्रैल को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में वारहेड उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।

डीआरडीओ ने कहा था कि मिसाइल का प्रदर्शन और वारहेड का प्रदर्शन उल्लेखनीय पाया गया। डीआरडीओ ने कहा था कि एमपीएटीजीएम की टेंडम वारहेड प्रणाली का भेदन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और यह आधुनिक कवच-संरक्षित मुख्य युद्धक टैंक को परास्त करने में सक्षम पाया गया है। उन्होंने कहा कि एटीजीएम प्रणाली दिन/रात तथा शीर्ष हमले की क्षमता से सुसज्जित है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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