Asduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बातों से पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक में नहीं बुलाए जाने का दर्द छलका। ओवैसी ने शनिवार को कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनकी पार्टी को बिहार की राजधानी पटना में 23 जून को हुई विपक्षी दलों की बैठक में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया। ओवैसी ने प्रधानमंत्री की अमेरिका दौरे पर यह कहने के लिए उनकी आलोचना की है कि भारत में मोदी सरकार के शासन के दौरान अल्पसंख्यकों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा।
जलील ने कहा, एआईएमआईएम के बिना गठबंधन सफल नहीं होगा
ओवैसी के सहयोगी और औरंगाबाद से लोकसभा सदस्य इम्तियाज जलील ने कहा कि एआईएमआईएम भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए उन सभी दलों से ज्यादा उत्सुक है, जो बैठक में शामिल हुए थे। जलील ने कहा कि उनके दल को शामिल किए बगैर इस प्रकार के दलों का कोई भी गठबंधन भाजपा को हराने में सफल नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल किया, भाजपा को हराने के लिए एआईएमआईएम किन्ही दलों, नेताओं और गठबंधन के लिए जुटे लोगों से अधिक इच्छुक है। कई राज्यों में बड़ी संख्या में लोग असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से जुड़े हैं, यह जानते हुए भी हमारी अनदेखी क्यों की गई।
ओवैसी मोदी सरकार पर साधा निशाना
ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा, मुझे नहीं पता कि हमें क्यों नहीं बुलाया गया। जलील ने जो मुद्दा उठाया है वह गंभीर है। मेरा प्रश्न है कि प्यासे को कुएं के पास आना चाहिए या कुएं को प्यासे के पास जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार के शासन में दलितों, मुसलमानों, आदिवासियों और अन्य गुटों के साथ भेदभाव हो रहा है। नरेंद्र मोदी शासन को हराने के लिए कोई एजेंडा बनाने से पहले इन बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
ओवैसी ने प्रधानमंत्री के इस बयान कि अल्पसंख्यकों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा के लिए निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर में जारी हिंसा में 300 गिरजाघर जला दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा भेदभाव तो यह है कि भाजपा के लोकसभा में 300 सदस्य हैं लेकिन उनमें कोई भी मुसलमान नहीं है। केंद्र सरकार में भी कोई मुसलमान मंत्री नहीं है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
