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SAI ने समझी जापान में भारतीय खिलाड़ियों की दिक्कतें, जमीनी स्तर पर बढ़ाई गई सहायता

SAI Comes out in support of Indian Contingent At Asian Games: भारतीय खेल प्राधिकरण ने कहा कि उसने एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों के लिए जमीनी स्तर पर सहायता बढ़ा दी है। निशानेबाजों के लिए परिवहन की व्यवस्था करने के साथ-साथ उन कोच और सहयोगी स्टाफ के लिए कमरों का इंतजाम किया गया है जिन्हें आयोजन समिति की ओर से आवास नहीं मिल सका था।

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जापान में एशियन गेम्स के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आया साई (X)

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने मंगलवार को कहा कि उसने जापान में एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों के लिए जमीनी स्तर पर सहायता बढ़ा दी है। इसके तहत निशानेबाजों के लिए परिवहन की व्यवस्था करने के साथ-साथ उन कोच और सहयोगी स्टाफ के लिए कमरों का इंतजाम किया गया है जिन्हें आयोजन समिति की ओर से आवास नहीं मिल सका था।

साइ ने कहा कि अन्य उपायों के तहत चिकित्सा दलों के लिए कारों की भी व्यवस्था की गई है जिससे कि वे प्रतियोगिता स्थलों के बीच आसानी से आवाजाही कर सकें और खिलाड़ियों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा सकें। साइ ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए), साइ और जापान स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों वाली एक समर्पित स्वागत एवं सहायता टीम को हवाई अड्डे पर तैनात किया गया है जो पहुंचने वाले खिलाड़ियों, कोच और सहयोगी स्टाफ का स्वागत कर रही है।"

इस डेस्क की जिम्मेदारी खिलाड़ियों को आगमन संबंधी औपचारिकताओं में मदद करने के साथ-साथ जलपान उपलब्ध कराने और खेल स्थलों तथा आवास तक आगे की यात्रा के लिए मार्गदर्शन देने की है। आइची प्रांत के टोयोटा शहर में स्थित निशानेबाजी स्थल नागोया से 75 किलोमीटर से अधिक दूर है। ऐसी खबरें सामने आई थीं कि निशानेबाजों को स्थानीय आयोजन समिति की ओर से समय पर परिवहन सुविधा नहीं मिल रही थी जिससे उनके अभ्यास और प्रतियोगिता कार्यक्रम प्रभावित हो रहे थे।

साइ ने कहा, "भारतीय निशानेबाजों की सहायता के लिए प्रतियोगिता स्थलों तक आने-जाने के लिए परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।" साइ ने कहा, ’’सीमित उपलब्धता के कारण आयोजन समिति की ओर से जिन कोच और सहयोगी स्टाफ के लिए आवास की व्यवस्था नहीं हो सकी उनके लिए कमरे उपलब्ध कराए गए हैं।"

उद्घाटन समारोह से पहले खेलों में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर आयोजकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा है। भारत सहित कई देशों के खिलाड़ियों ने आवास मिलने में लंबी देरी की शिकायत की थी। इसके अलावा खिलाड़ियों को समय पर जलपान नहीं मिलने की भी शिकायतें सामने आई थीं। लंबी यात्रा से थके कुछ खिलाड़ियों को फर्श पर सोने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

साइ ने कहा कि 501 सदस्यीय भारतीय खिलाड़ी दल को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले खेल मंत्रालय ने कहा था कि आवास संकट से निपटने में प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद भी मांगी गई है और बड़ी संख्या में लोगों ने सहायता की पेशकश की है। भारत ने पिछले एशियाई खेलों में 106 पदक जीते थे।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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