भारत और डेनमार्क के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच मंगलवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिनमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India-EU Free Trade Agreement) प्रमुख रहा।
किन-किन मुद्दों पर हुई बात
एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने भारत-ईयू एफटीए के शीघ्र और पारस्परिक रूप से लाभकारी समापन के लिए डेनमार्क के "मजबूत समर्थन" की पुनः पुष्टि की। इस समझौते को लेकर भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है, जिसे क्षेत्रीय व्यापार और निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने किया पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने इस वार्ता की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्ववर्ती ट्विटर) के माध्यम से साझा करते हुए लिखा, “आज डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने अपनी हरित रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई। यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता के लिए डेनमार्क को बधाई दी।”
वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा
बातचीत में वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें यूक्रेन संघर्ष की स्थिति विशेष रूप से शामिल रही। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इस संघर्ष का शीघ्र समाधान आवश्यक है और शांति स्थापना में साझा हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान डेनमार्क को यूरोपीय संघ परिषद की वर्तमान अध्यक्षता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए भी बधाई दी। वहीं, प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने भारत में 2026 में होने वाले 'AI Impact Summit' की सफलता के लिए भी समर्थन जताया। बयान के अनुसार, दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, नवाचार, हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह सहयोग भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी (Green Strategic Partnership) के अंतर्गत आता है, जिसे 2020 में स्थापित किया गया था।
