अमेरिका में हुए हालिया मध्यवधि चुनावों के नतीजों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। रिपब्लिकन पार्टी को करारी शिकस्त देते हुए निचले सदन यानी 'प्रतिनिधि सभा' (House of Representatives) में बहुमत हासिल करने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख नेता हकीम जेफ्रीज सदन के नए अध्यक्ष (Speaker) बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। यदि वह निर्वाचित होते हैं, तो अमेरिकी इतिहास में इस शक्तिशाली पद पर आसीन होने वाले वह पहले अश्वेत नेता होंगे।
3 जनवरी से शुरू होगा संसद सत्र, रचा जाएगा इतिहास
अमेरिकी संसद 'कांग्रेस' का नया सत्र 3 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। ब्रुकलिन में जन्मे 56 वर्षीय हकीम जेफ्रीज को डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद यदि वह चुनाव जीतते हैं, तो यह अमेरिकी राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना जाता है। अमेरिकी संविधान में अनिवार्य रूप से उल्लिखित यह कांग्रेस का एकमात्र नेतृत्व पद है, जो सत्ता के उत्तराधिकार के क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति के बाद दूसरे स्थान (उपराष्ट्रपति के तुरंत बाद) पर आता है। यदि जेफ्रीज चुने जाते हैं, तो वह रिपब्लिकन पार्टी के वर्तमान स्पीकर माइक जॉनसन की जगह लेंगे।
"यह दलगत राजनीति का नहीं, देशभक्ति का समय"
डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जब हकीम जेफ्रीज पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया और "स्पीकर! स्पीकर!" के नारे लगाए। संबोधन के दौरान जेफ्रीज ने कहा- "यह किसी दलगत राजनीति में उलझने का नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी निष्ठा और देशभक्ति दिखाने का समय है।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रतिनिधि सभा के सभी डेमोक्रेट सांसद इस बात को भली-भांति समझते हैं कि जनता ने यह जनादेश व्यापक और बुनियादी बदलाव के लिए दिया है। जनता की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "हम आपकी आवाज सुन रहे हैं और उस बड़े बदलाव को लाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, जिसके आप सच्चे हकदार हैं।"
चुनौतियों से भरा रहेगा कार्यकाल
हकीम जेफ्रीज ऐसे समय में सदन की कमान संभालने जा रहे हैं, जब 20वीं सदी के नागरिक अधिकार आंदोलन (Civil Rights Movement) की कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धियों को एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक रूप से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे दौर में एक अश्वेत नेता के हाथ में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की कमान आना सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद मायने रखता है।
