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US Midterms: अमेरिकी चुनाव में 'ब्लू वेव' पर गदगद हुए न्यू यॉर्क के मेयर ममदानी, बोले- 'यह कामकाजी लोगों के हक में जनमत संग्रह है'

Democrats Blue Wave Midterm Victory 2026: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत पर न्यू यॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे कामकाजी वर्ग की आवश्यकताओं पर जनमत संग्रह बताया।

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US Midterms: अमेरिकी चुनाव में 'ब्लू वेव' पर गदगद हुए न्यू यॉर्क के मेयर ममदानी, बोले- 'यह कामकाजी लोगों के हक में जनमत संग्रह है'

NYC Mayor Zohran Mamdani US Midterms: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सेनेट (Senate) में डेमोक्रेटिक पार्टी की जबरदस्त जीत के बाद न्यू यॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। मेयर ममदानी ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावों में देश भर में दिखी 'ब्लू वेव' (Blue Wave) यह दर्शाती है कि अमेरिकी जनता उन राजनेताओं से तंग आ चुकी है जो आम कामकाजी लोगों की जरूरतों को 'गैर-व्यावहारिक' बताते हैं।

उन्होंने चुनाव नतीजों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी की आर्थिक और विदेश नीतियों के खिलाफ जनता का एक स्पष्ट और मजबूत संदेश करार दिया।

'कामकाजी लोगों की जरूरतों पर जनमत संग्रह'

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेयर ममदानी ने कहा, 'डेमोक्रेट्स की यह 'ब्लू वेव' देखना वाकई अविश्वसनीय था। यह चुनाव उन राजनेताओं पर एक सीधा जनमत संग्रह था, जो देश के सबसे अमीर लोगों की हर मांग पूरी करते हैं, लेकिन आम कामकाजी लोगों से कहते हैं कि उनकी बुनियादी जरूरतें अवास्तविक हैं।'

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान जनता से दो साल का और समय मांगे जाने पर तंज कसते हुए ममदानी ने कहा, 'यह चुनाव जेडी वेंस की उस मांग पर भी जनमत संग्रह है जिसमें उन्होंने दो साल का समय मांगा था। सच यह है कि अमेरिकी जनता अब एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं कर सकती।'

'महंगाई और जीवन-यापन के संकट पर तुरंत राहत की जरूरत'

मेयर ममदानी ने जोर देकर कहा कि इस चुनाव में अमेरिका की नई पीढ़ी का नेतृत्व उभरकर सामने आया है, जिसे जनता ने निर्माण करने और जीवन-यापन की लागत को घटाने का स्पष्ट जनादेश दिया है।

ममदानी ने कहा कि सरकार और प्रशासन में अब त्वरित फैसले लेने की जरूरत है:

किराया और आवास: 'महीने की पहली तारीख को जब लोगों का किराया (Rent) बकाया होता है, तब वे दो साल का इंतजार नहीं कर सकते।'

चाइल्डकेयर और राशन: 'जब माता-पिता को अपने बच्चों की देखभाल का खर्च उठाना होता है और आज किराना दुकान से सामान खरीदना होता है, तो वे दो और साल तक समस्याओं के हल होने का इंतजार नहीं कर सकते।'

उन्होंने कहा कि चाहे ऑस्टिन हो, एन आर्बर हो या एस्टोरिया- पूरे देश में कामकाजी लोग ही बहुसंख्यक हैं और राजनीति में उन्हें ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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