Manish Tewari : कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवार ने बुधवार को कहा कि 'देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने के बारे में चुनाव आयोग को काफी गंभीरता से विचार करना चाहिए। लोकतंत्र अत्यंत मूल्यवान है और इसे केवल तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।' कांग्रेस नेता ने कहा कि दुनिया भर में हर जगह, बिना अपवाद के, यहां तक उन देशों में जहां ईवीएम का अविष्कार हुआ अथवा भारत के पहले जहां इसका इस्तेमाल होता था, उन सभी जगहों पर, देश वापस बैलेट पेपर पर चले गए क्योंकि लोकतंत्र बहुत कीमती है, इसे केवल तकनीक पर नहीं छोड़ा जा सकता। चुनाव आयोग को इस पर काफी गंभीरता से सोचना चाहिए। सोचना ही नहीं, देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने के बारे में उसे कदम उठाना चाहिए।
हरियाणा चुनाव के बाद ईवीएम पर कांग्रेस के सवाल
दरअसल, हरियाणा चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे। मंगलवार को चुनाव आयोग ने उसके सभी आरोपों को खारिज कर दिया। ईसी ने कहा कि चुनाव नतीजों की विश्वसनीयता के बारे में कांग्रेस उसी तरह का संदेह पैदा कर रही है, जैसा उसने अतीत में किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे एक पत्र में आयोग ने कहा कि इस तरह के ‘तुच्छ और बेबुनियाद’ संदेह ‘अशांति’ पैदा करने की क्षमता रखते हैं, खासकर मतदान और मतगणना जैसे महत्वपूर्ण चरण में, जब राजनीतिक दलों और जनता की बेचैनी चरम पर होती है।
हरियाणा में भाजपा की हुई वापसी
हरियाणा में पांच अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 90 में से 48 सीटें जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस 37, इनेलो दो और निर्दलीय तीन सीटों पर विजयी रहे। आठ पन्नों के पत्र के मुताबिक, कांग्रेस ने हरियाणा की 26 विधानसभा सीटों के कुछ मतदान केंद्रों पर गिनती के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के ‘कंट्रोल यूनिट’ पर बैटरी का स्तर 99 फीसदी दिखने पर सवाल उठाए थे और स्पष्टीकरण मांगा था। आयोग ने कहा, 'इस चिंता में ‘कंट्रोल यूनिट’ को बदले जाने की आशंका छिपी हुई थी।'
