Nari Shakti Conclave: भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज (Bansuri Swaraj) ने शुक्रवार को महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सरकार के रुख का बचाव किया। इस दौरान, उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि यह कदम सत्ता हासिल करने की साजिश है।
टाइम्स नाउ के नारी शक्ति कॉन्क्लेव में टाइम्स ग्रुप की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे साजिश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
'परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया'
बांसुरी स्वराज ने कहा, ''परिसीमन भाजपा की कोई साजिश नहीं है, बल्कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इसका विरोध करना राजनीतिक अवसरवाद और पाखंड को दर्शाता है।
महिला आरक्षण पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि महिलाओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ''हम महिला आरक्षण को केवल दिखावा नहीं बनाना चाहते, बल्कि यह महिलाओं की वास्तविक संख्या को प्रतिबिंबित करे।''
उन्होंने समझाया कि महज कानून पारित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके कार्यान्वयन से विधायी निकायों में महिलाओं की उपस्थिति में बढ़ोतरी होनी चाहिए।
परिसीमन और महिला आरक्षण के बीच संबंध समझाने के लिए बांसुरी स्वराज ने एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, ''यदि परिसीमन सड़क है तो महिला आरक्षण विधेयक मंजिल है। कृपया सड़क और मंजिल को आपस में न मिलाएं।''
राहुल गांधी पर बरसीं बांसुरी स्वराज
बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए साफ किया कि परिसीमन कोई साजिश नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सत्ता हथियाने का कदम नहीं है, बल्कि सत्ता संतुलन बनाने की कोशिश है। दरअसल, राहुल गांधी ने इसे सत्ता हथियाने की कोशिश करार दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि 2023 में महिला आरक्षण बिल को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिला था और संसद ने इसके क्रियान्वयन का सामूहिक संकल्प लिया था। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया का समर्थन करें और इसे राजनीति से ऊपर उठकर देखें।
