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Delhi Coaching Centre Incident: दिल्ली पुलिस ने MCD को भेजा नोटिस, अधिकारियों से हो सकती है पूछताछ

Delhi Coaching Centre Incident: पुलिस ने बताया कि इस घटना में मारे गए छात्रों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तान्या सोनी (25) और केरल में एर्नाकुलम के नवीन दलविन के रूप में की गई है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और एमसीडी को नोटिस भी जारी किया है।

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दिल्ली पुलिस ने एमसीडी को भेजा नोटिस।

Photo : ANI

Delhi Coaching Centre Incident: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने MCD को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में एमसीडी अधिकारियों से कई सवाल किए गए हैं। मसलन राजेंद्र नगर इलाके में ड्रेनेज सिस्टम की जिम्मेदारी किसी अधिकारी की है? यहां साफ-सफाई का काम कौन देखता है? क्या किसी संस्था को ठेके पर काम दिया गया था? दिल्ली पुलिस ने इस घटना में दर्ज मामले की जांच के लिए संबंधित डॉक्यूमेंट भी मांगे हैं। सूत्रों की मानें तो नोटिस के बाद एमसीडी अधिकारियों से पूडताछ भी हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस नालों की गाद निकालने और राव आईएएस स्टडी सर्किल को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के बारे में एमसीडी अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ी तो संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। बता दें, बरसाती नालों से गाद निकालने की जिम्मेदारी एमसीडी की होती है। ऐसा आरोप है कि ओल्ड राजेंद्र नगर में इस कोचिंग सेंटर के समीप कथित जल निकासी प्रणाली उचित तरीके से काम नहीं कर रही थी जिसके कारण सड़क पर बारिश का पानी इकट्ठा हो गया और कोचिंग सेंटर की इमारत के बेसमेंट में घुस गया।

ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी मांगेगी दिल्ली पुलिस

सूत्रों ने कहा कि पुलिस एमसीडी से अधिभोग प्रमाणपत्र (ऑक्यूपेन्सी सर्टिफिकेट) भी मांगेगी, जिसमें बेसमेंट के मालिक ने कथित तौर पर कहा था कि इस जगह का इस्तेमाल पार्किंग और सामान के भंडारण के लिए किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि बेसमेंट का मालिक इसका इस्तेमाल एक पुस्तकालय के लिए कर रहा था और उसने प्रवेश द्वार पर बायोमीट्रिक प्रणाली भी लगायी थी।

एक महीने पहले हुई थी शिकायत

सूत्रों ने बताया कि पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सिविल सेवा के एक अभ्यर्थी ने एक महीने पहले दिल्ली सरकार में शिकायत दर्ज करायी थी कि बेसमेंट का गैरकानूनी तरीके से संचालन किया जा रहा है। हालांकि, इसका कोई फायदा नहीं हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ और लोग जांच के घेरे में हैं जिन पर घटना के लिए जिम्मेदार होने का संदेह है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है या उन्हें समन भेजा जा सकता है।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक प्राथमिकी दर्ज की और कई दल गठित किए हैं। राव आईएएस स्टडी सर्किल के मालिक और संयोजक को गिरफ्तार कर उन पर गैर इरादतन हत्या तथा अन्य आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेज दिया गया। प्राथमिकी में कहा गया है कि जल निकासी प्रणाली के उचित तरीके से काम न करने के कारण सड़क पर बड़ी मात्रा में बारिश का पानी इकट्ठा हो गया और यह चार मंजिला इमारत के बेसमेंट में घुस गया जिसमें पुस्तकालय था। बेसमेंट में जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण प्राधिकारियों को बचाव अभियान के दौरान पानी को पम्प के जरिए बाहर निकालने में पांच घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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