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दिल्ली में बढ़ाई गई इजराइली दूतावास की सुरक्षा, राजदूत के आवास पर भी अतिरिक्त फोर्स तैनात

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 10, 2023, 07:20 AM IST

Israeli Embassy: दिल्ली स्थित दूतावास के साथ-साथ इजराइली राजदूत के आवास और चाबड़ हाउस पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां अतिरिक्त पुलिस वाहन तैनात किए गए हैं। यह फैसला हमास-इजराइल संघर्ष के मद्देनजर लिया गया है।

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दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई इजराइली दूतावास की सुरक्षा (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Israeli Embassy: इजराइल और हमास के बीच छिड़ी जंग के बाद दुनिया के कई मुल्कों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कहीं लोग हमास का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ जगहों पर इजराइल के सपोर्ट में नारेबाजी हो रही है। इन सबके बीच भारत ने पहले ही दिन से अपना रुख साफ कर दिया है। भारत ने कहा है कि वह इस कठिन परिस्थिति में इजराइल के साथ खड़ा है।

हालांकि, एक दिन पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन के समर्थन में हुए प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने इजराइली दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली स्थित दूतावास के साथ-साथ इजराइल के राजदूत के आवास पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। एक अधिकारी ने बताया, यह फैसला हमला-इजराइल जंग के मद्देनजर लिया गया है।

राजदूत के आवास के बाद अतिरिक्त वाहन तैनात

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इज़रायली दूतावास और भारत में इज़रायली राजदूत नाओर गिलोन के आधिकारिक आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मध्य दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चाबड़ हाउस के आसपास तैनात स्थानीय पुलिस को कड़ी निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि इजरायली दूतावास चरमपंथी तत्वों के निशाने पर रहा है। 2021 में इजरायली दूतावास के पास एक IED विस्फोट किया गया था।

इजराइली इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार

हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुके इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) की प्रवक्ता मेजर लिब्बी वीस ने कहा कि हमास के हमले के बाद इजराइल में इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 700 से अधिक इजराइली नागरिकों की मौत हो चुकी है और 2300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा, यह कुछ ऐसा है जिसे हमने पहले कभी अनुभव नहीं किया है और हमने जो भयावहता देखी है उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

इजराइल का हमला अभी तो शुरू हुआ है- नेतन्याहू

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा है कि हमास के अप्रत्याशित हमले के जवाब में गाजा पट्टी पर इजराइल का भीषण हमला अभी तो शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, हमने हमास पर हमला करना अभी तो शुरू ही किया है। हम आने वाले दिनों में अपने दुश्मनों के साथ जो करेंगे, उसकी गूंज कई पीढ़ियों तक सुनाई देगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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