Israeli Embassy: इजराइल और हमास के बीच छिड़ी जंग के बाद दुनिया के कई मुल्कों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कहीं लोग हमास का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ जगहों पर इजराइल के सपोर्ट में नारेबाजी हो रही है। इन सबके बीच भारत ने पहले ही दिन से अपना रुख साफ कर दिया है। भारत ने कहा है कि वह इस कठिन परिस्थिति में इजराइल के साथ खड़ा है।
हालांकि, एक दिन पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन के समर्थन में हुए प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने इजराइली दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली स्थित दूतावास के साथ-साथ इजराइल के राजदूत के आवास पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। एक अधिकारी ने बताया, यह फैसला हमला-इजराइल जंग के मद्देनजर लिया गया है।
राजदूत के आवास के बाद अतिरिक्त वाहन तैनात
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इज़रायली दूतावास और भारत में इज़रायली राजदूत नाओर गिलोन के आधिकारिक आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मध्य दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चाबड़ हाउस के आसपास तैनात स्थानीय पुलिस को कड़ी निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि इजरायली दूतावास चरमपंथी तत्वों के निशाने पर रहा है। 2021 में इजरायली दूतावास के पास एक IED विस्फोट किया गया था।
इजराइली इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार
हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुके इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) की प्रवक्ता मेजर लिब्बी वीस ने कहा कि हमास के हमले के बाद इजराइल में इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 700 से अधिक इजराइली नागरिकों की मौत हो चुकी है और 2300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा, यह कुछ ऐसा है जिसे हमने पहले कभी अनुभव नहीं किया है और हमने जो भयावहता देखी है उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
इजराइल का हमला अभी तो शुरू हुआ है- नेतन्याहू
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। उन्होंने कहा है कि हमास के अप्रत्याशित हमले के जवाब में गाजा पट्टी पर इजराइल का भीषण हमला अभी तो शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, हमने हमास पर हमला करना अभी तो शुरू ही किया है। हम आने वाले दिनों में अपने दुश्मनों के साथ जो करेंगे, उसकी गूंज कई पीढ़ियों तक सुनाई देगी।
