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दिल्ली में बढ़ाई गई इजराइली दूतावास की सुरक्षा, पुलिस को मिले खुफिया इनपुट

Israeli Embassy in Delhi: वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इजराइली दूतावास और चबाड़ हादस के आसपास कई सीसीटीवी कैमरे लगाकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। यदि आवश्यकता हुई तो और अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा सकता है।

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दिल्ली पुलिस।

Israeli Embassy in Delhi: तेहरान में हमास चीफ की हत्या के बाद भारत में खुफिया एजेंसियों को दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास पर हमले या फिर संदिग्ध गतिविधि के इनपुट मिले हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दूतावास और चबाड़ हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने राजधानी में स्थित इजराइल की दो इमारतों के चारों ओर व्यापक सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक बैठक की है और मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इजराइली दूतावास और चबाड़ हादस के आसपास कई सीसीटीवी कैमरे लगाकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। यदि आवश्यकता हुई तो और अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा भारत में इजराइल विरोधी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

बीते दिनों मिली थी बम की धमकी

बता दें, दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ‘विस्फोट’ की अफवाह के बाद स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस ने कहा कि यह एक फर्जी अलर्ट था। बाद में पोस्ट को हटा भी दिया गया। पिछले तीन सालों में राष्ट्रीय राजधानी में इजराइली दूतावास के पास दो विस्फोट हुए हैं, हालांकि ये विस्फोट ज्यादा तेज नहीं थे। दोनों ही हमलों में कोई घायल नहीं हुआ था। पिछले वर्ष इजराइल और हमास के बीच युद्ध छिड़ने के बाद इजराइली दूतावास के आसपास सुरक्षा पहले से ही बढ़ा दी गई है।

भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी

वहीं, एक दिन पहले तेल अवीव में स्थित भारतीय दूतावास ने जराइल में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि वे सतर्क रहने के साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से सुझाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। भारतीय दूतावास ने यहां जारी एक परामर्श में कहा, कृपया सावधानी बरतें, देश के भीतर आवश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षा आश्रयों के करीब रहें।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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