भविष्य की जरूरतों के लिए हम सभी अपनी कमाई से बचत कर निवेश करते हैं। हर कोई अपनी कमाई के अनुसार वित्तीय लक्ष्य तय करता है। अब सवाल उठता है कि कमाई शुरू होने के बाद 1 लाख रुपये की बचत का लक्ष्य रखें या 10 लाख रुपये जैसा बड़ा लक्ष्य तय करें। फाइनेंशियल प्लानकर का कहना है कि बड़ा लक्ष्य ज्यादा आकर्षक लगता है लेकिन शुरुआत हमेशा छोटी से करना चाहिए। आइए समझते हैं कि पहले 100000 रुपये जमा करने का लक्ष्य क्यों तय करना सही होता है? यह कैसे आपको बड़े लक्ष्य की ओर ले जाने में मदद करता है।
सबसे पहले ₹1 लाख का लक्ष्य क्यों?
फाइनेंशियल प्लानर का कहना है कि आपकी फाइनेंशियल यात्रा के लिए पहला ₹1 लाख एक जरूरी आधार है। यह शुरुआती इमरजेंसी फंड के तौर पर काम आ सकता है, जिससे आप बिना कर्ज लिए छोटे-मोटे अचानक आने वाले खर्चों को संभाल सकते हैं। 1 लाख रुपये का पड़ाव तक पहुंचने से आत्मविश्वास बढ़ता है और लगातार बचत करने की आदत को बढ़ावा मिलता है। यह प्रक्रिया फाइनेंशियल अनुशासन सिखाती है और नियमित रूप से निवेश या बचत करने के महत्व को बताती है। जो लोग सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश कर रहे हैं, उनके लिए लगातार निवेश करते रहने से समय के साथ 'रुपया-कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा मिल सकता है।
₹10 लाख के पड़ाव की ओर बढ़ना आसान
जब आप 1 लाख रुपये जमा कर लेते हैं तो फिर 10 लाख रुपये के बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ना आसान हो जाता है। ₹1 लाख से ₹10 लाख तक की यात्रा में लगातार बचत और कंपाउंडिंग की ताकत काम करती है। ₹10 लाख तक पहुंचना काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी बचत करते हैं। शुरुआती दौर में, आपकी इनकम और हर महीने किया गया निवेश ही ज्यादातर काम करते हैं, जबकि जैसे-जैसे आपका फंड बढ़ता है, निवेश से मिलने वाला रिटर्न ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
बचत में इन बातों का रखें ख्याल
अगर आपकी कमाई कम भी है तो भी आप अनुशातिस तरीके से निवेश कर लंबी अवधि में बड़ा फंड जमा कर सकते हैं। अगर आप जल्द शुरुआत करते हैं तो शुरुआती फंड बनाने के बाद, सैलरी बढ़ने पर सिर्फ खर्च बढ़ाने के बजाय अपनी बचत की दर बढ़ाने पर ध्यान दें। तय खर्चों को कंट्रोल में रखें और सैलरी में होने वाली हर बढ़ोतरी का एक हिस्सा अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए अलग रखें।
