भीषण गर्मी के बीच राजधानी में पेयजल आपूर्ति को लेकर दिल्ली सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को जल आपूर्ति व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली के किसी भी नागरिक को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल राहत उपायों के साथ-साथ भविष्य में जल संकट को स्थायी रूप से दूर करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री सेवा सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सदस्य अजय महावर, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय बिधूड़ी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राजधानी में जल उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, शिकायतों के निस्तारण और भविष्य की जल सुरक्षा योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
हरियाणा से अतिरिक्त पानी, दिल्ली को मिली राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना में वजीराबाद के पास जल उपलब्धता प्रभावित होने से पानी की आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बातचीत की। इसके बाद हरियाणा सरकार ने मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को न्यूनतम 1,000 क्यूसेक पानी की आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्लीवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
980 से अधिक टैंकर, रोज 6,000 से ज्यादा ट्रिप
गर्मी के कारण बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के 980 से अधिक जल टैंकर लगातार सेवा दे रहे हैं। ये टैंकर प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप कर लोगों तक पानी पहुंचा रहे हैं। घनी आबादी और संकरी गलियों वाले इलाकों में छोटे टैंकरों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी क्षेत्र में पानी की कमी न रहे।
इसके अलावा यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल स्थापित कर प्रतिदिन 10.5 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) जल उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिससे जल आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी।
जल रिसाव पर सख्ती, शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल रिसाव की हर घटना पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है और किसी भी तरह की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को रोज मिलने वाली शिकायतों की व्यक्तिगत निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले एक सप्ताह में दिल्ली जल बोर्ड हेल्पलाइन पर 11,055 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,500 से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने बाकी शिकायतों का भी जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में टैंकर उपलब्ध कराए जाएं और जरूरत के अनुसार उनकी ट्रिप बढ़ाई जाए।
जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़े कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार केवल मौजूदा संकट से निपटने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है।
इसी दिशा में हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि जल हानि और रिसाव को कम किया जा सके। इस परियोजना का व्यवहार्यता अध्ययन आईआईटी रुड़की द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा वजीराबाद के पास यमुना में ड्रेजिंग और डी-सिल्टिंग, नए जल शोधन संयंत्रों की स्थापना और यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल विकसित करने जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले उपचारित जल का उपयोग बागवानी, वाहन धुलाई और अन्य गैर-पेय कार्यों में किया जाए। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से ड्यूल वाटर सप्लाई सिस्टम लागू किया जाएगा।
जल संरक्षण को बनाया जाएगा जन आंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की समस्या का स्थायी समाधान केवल आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि जल संरक्षण और उसके विवेकपूर्ण उपयोग से भी संभव है। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि लोग पानी बचाने के प्रति जागरूक हों।
उन्होंने बताया कि राजधानी के 75 सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही 500 नई जल संचयन संरचनाओं के निर्माण और 1,000 पुरानी संरचनाओं के पुनरोद्धार की योजना पर भी काम शुरू हो चुका है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मौजूदा चुनौतियों का समाधान करने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही योजनाएं राजधानी की जल सुरक्षा को मजबूत करेंगी और दिल्ली को जल संकट से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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