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दिल्ली चुनाव से पहले आतिशी सरकार का बड़ा फैसला, विधायक निधि में हुई पांच करोड़ रुपये की बढ़ोतरी

Delhi News: दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आतिशी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने विधायक निधि में पांच करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है। इसका ऐलान खुद सीएम आतिशी मार्लेना ने किया है। आपको दिल्ली के विधायक निधि से जुड़ी खास बातें बताते हैं।

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दिल्ली की सीएम आतिशी ने किया बड़ा ऐलान।

Delhi government increased MLA fund: आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनावों से पहले बृहस्पतिवार को वार्षिक विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया। मुख्यमंत्री आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि दिल्ली में विधायक निधि देश में सबसे अधिक है।

दिल्ली सरकार ने बढ़ाया विधायकों का फंड

उन्होंने बताया कि दिन में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रति विधायक प्रति वर्ष पांच करोड़ रुपये की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। आतिशी ने कहा, “यह राशि अन्य राज्यों की तुलना में तीन गुना अधिक है।”

इसका ऐलान करते वक्त क्या बोलीं आतिशी?

CM आतिशी ने कहा कि 'दिल्ली सरकार ने विधायक फंड बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे विधायक अपने क्षेत्र में विकास के और ज्यादा काम करा सकेंगे। दिल्ली सरकार ने विधायक फंड 10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कर दिया है। विधायक फंड में इतनी ज्यादा रकम देश के किसी अन्य राज्य में नहीं दी जाती है।'

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार शहर के लोगों की बेहतरी के लिए काम कर रही है, चाहे वे झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हों या बंगलों में। दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी में होने की उम्मीद है।

आतिशी सरकार में मंत्री सौरभ ने क्या कहा?

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 'इस साल दिल्ली के अंदर काफी ज्यादा बारिश हुई, जिससे सड़क टूट गईं, पार्कों की दीवार टूट गई। इसके आलावा कई अन्य समस्याएं सामने आई हैं। इन सभी कामों को कराने के लिए विधायकों को ज्यादा रकम की जरुरत पड़ती, इसलिए दिल्ली सरकार ने विधायकों का फंड बढ़ाया है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिल सकेगी।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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