देश

दिल्ली में बिजली की मांग ने तोड़े रिकॉर्ड, 6 दिनों में चौथी बार 8000 MW पार पीक डिमांड, छू सकती है ये आंकड़ा

दिल्ली में पिछले 6 दिनों के भीतर चौथी बार बिजली की मांग 8,000 मेगावॉट के पार गई है। इससे साफ है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज और लंबी पड़ रही है, जिसका सीधा असर बिजली खपत पर दिखाई दे रहा है।

Image

भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली खपत

भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच राजधानी दिल्ली में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 25 मई 2026 को दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,439 मेगावॉट तक पहुंच गई, जो इस साल अब तक का सबसे बड़ा स्तर है। खास बात यह है कि मई महीने में पहली बार बिजली की मांग इतनी ऊंचाई तक पहुंची है। दिल्ली में पिछले 6 दिनों के भीतर चौथी बार बिजली की मांग 8,000 मेगावॉट के पार गई है। इससे साफ है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज और लंबी पड़ रही है, जिसका सीधा असर बिजली खपत पर दिखाई दे रहा है।

SLDC के आंकड़ों के मुताबिक,

  • 19 मई को बिजली मांग 7,776 मेगावॉट रही
  • 20 मई को पहली बार 8,000 MW पार करते हुए 8,039 मेगावॉट पहुंची
  • 21 मई को यह बढ़कर 8,231 मेगावॉट हो गई
  • और 25 मई को रिकॉर्ड 8,439 मेगावॉट दर्ज की गई

दिल्ली में मई 2025 के दौरान बिजली की मांग कभी भी 8,000 मेगावॉट के पार नहीं गई थी, जबकि मई 2024 में सबसे ज्यादा पीक डिमांड 8,302 मेगावॉट दर्ज हुई थी। लेकिन इस साल हालात अलग दिखाई दे रहे हैं।

25 में से 20 दिनों में 2025 से ज्यादा रही बिजली मांग

1 मई से 25 मई 2026 के बीच बिजली की मांग में तेज उछाल देखा गया। आंकड़ों के अनुसार, इन 25 दिनों में से 20 दिनों में बिजली की मांग 2025 के मुकाबले ज्यादा रही, जबकि 18 दिनों में 2024 से भी अधिक रिकॉर्ड की गई। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि जल्दी शुरू हुई भीषण गर्मी, लगातार चल रही हीटवेव और एयर कंडीशनर-कूलर के बढ़ते इस्तेमाल ने बिजली खपत को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है।

BSES ने कहा- सभी इलाकों में सप्लाई सामान्य रही

BSES ने दावा किया है कि उसकी दोनों डिस्कॉम कंपनियों ने बढ़ती मांग के बावजूद सभी इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखी।

BRPL ने 3,745 मेगावॉट की पीक डिमांड पूरी की

BYPL ने 1,820 मेगावॉट बिजली मांग को सफलतापूर्वक संभाला। कंपनी के मुताबिक, 53 लाख उपभोक्ताओं और करीब 2.25 करोड़ लोगों के लिए गर्मियों की तैयारी पहले से कर ली गई थी।

ग्रीन पावर और AI तकनीक का सहारा

BSES ने बताया कि इस गर्मी में करीब 2,670 मेगावॉट ग्रीन पावर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें 840 मेगावॉट सोलर पावर, 572 मेगावॉट हाइड्रो पावर और करीब 500 मेगावॉट विंड एनर्जी शामिल है। इसके अलावा किलोकड़ी में लगाया गया 20 मेगावॉट का Battery Energy Storage System (BESS) ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा। कंपनी बिजली मांग का सटीक अनुमान लगाने के लिए AI और Machine Learning तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है।

इस साल 9000 MW पार कर सकती है मांग

ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों का अनुमान है कि अगर गर्मी और हीटवेव का असर इसी तरह जारी रहा, तो 2026 में दिल्ली की बिजली की पीक डिमांड 9,000 मेगावॉट का आंकड़ा भी पार कर सकती है।

गौरतलब है कि 2025 में दिल्ली की ऑल टाइम हाई बिजली मांग 8,656 मेगावॉट दर्ज की गई थी। ऐसे में मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस साल नया इतिहास बनना लगभग तय माना जा रहा है।

bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

End of Article