Delhi News: दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाले से संबंधित मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह को शुक्रवार को 27 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें अदालत में पेश किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद सिंह को विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल के समक्ष पेश किया गया। एजेंसी ने राज्यसभा सदस्य सिंह को चार अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
इन 15 किताबों को पढ़ने की मिली अनुमति
ईडी ने आरोप लगाया है कि सिंह ने अब समाप्त हो चुकी आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कुछ शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को वित्तीय लाभ हुआ। वहीं सांसद संजय सिंह ने जेल में 15 किताबों को पढ़ने की इजाजत मांगी थी, अब कोर्ट ने उनकी मांग मंजूर कर ली है। नीचे पढ़ें उन 15 किताबों के नाम...
- सत्य के प्रयोग (लेखक- महात्मा गांधी)
- विद्यार्थी और राजनीति (लेखक- डॉ. राममनोहर लोहिया)
- भारत विभाजन के अपराधी (लेखक- डॉ. राम मनोहर लोहिया)
- फ्रैंच कर्म प्रकार और चरित्र निर्माण : आवाहन (लेखक- डॉ. राम मनोहर लोहिया)
- निजी और सार्वजनिक क्षेत्र (लेखक- डॉ. राम मनोहर लोहिया)
- समाजवाद का वैचारिक आधार (लेखक- रघु ठाकुर)
- जाति भेद का उच्छेद (लेखक- डॉक्टर अम्बेडकर)
- शहीद भगत सिंह क्रांति का साक्ष्य (लेखक- सुधीर विद्यार्थी)
- अर्थशास्त्र मार्क्स के आगे (लेखक- डॉ. राम मनोहर लोहिया)
- गांधी अम्बेडकर (लेखक- रघु ठाकुर)
- जाति प्रथा (लेखक- रघु ठाकुर)
- नेल्सन मंडेला (लेखक- सुशील कपूर)
- समाजवादी संशय और उत्तर (लेखक- रघु ठाकुर)
- मैं नास्तिक क्यों हूं (लेखक-भगत सिंह)
- अंबेडकर प्रबुद्ध भारत की ओर (लेखक- गेल ओमवेट)
वहीं दिल्ली की अदालत ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को निर्देश दिया कि जो मुद्दे संबंधित नहीं हैं उन पर वे अदालत में बयान न दें। अदालत ने आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को 27 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं ने आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह की गिरफ्तारी के खिलाफ शुक्रवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया।
आप कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ किया प्रदर्शन
भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए आप कार्यकर्ताओं ने दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों ने उन्हें रोक दिया। अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सिंह की याचिका को दिन के दौरान सूचीबद्ध करने पर दिल्ली उच्च न्यायालय के सहमति जताने के कुछ घंटों बाद यह प्रदर्शन हुआ। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ के समक्ष राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के वकील द्वारा तत्काल सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया गया था। सिंह के वकील ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी का उचित आधार नहीं बताया गया। एक निचली अदालत ने सिंह को 13 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को उत्पाद शुल्क नीति लागू की थी, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 में इसे रद्द कर दिया था।
