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'कल वेलकम में गोलीबारी हुई और आज स्कूल के बाहर ब्लास्ट... ' Delhi की कानून व्यवस्था पर भड़कीं CM आतिशी

Rohini CRPF school Blast: दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, दिल्ली में कानून-व्यवस्था भाजपा की केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा अपना 99% समय चुनी हुई सरकार के काम रोकने में लगाती है। आज दिल्ली में वो हाल हो गया है जो एक समय में मुंबई में होता था।

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दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम आतिशी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना।

Photo : Twitter

Rohini CRPF school Blast: दिल्ली के रोहिणी इलाके में CRPF स्कूल के बाहर हुए ब्लास्ट के बाद मुख्यमंत्री आतिशी ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था भाजपा की केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। आज दिल्ली का मुंबई जैसा हाल हो गया है। रोज-रोज गैंगस्टर द्वारा जबरन वसूली की खबरें आ रही हैं और आज स्कूल के बाहर ब्लास्ट हो गया है।

मुख्यमंत्री आतिशी ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, दिल्ली में कानून-व्यवस्था भाजपा की केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा अपना 99% समय चुनी हुई सरकार के काम रोकने में लगाती है। आज दिल्ली में वो हाल हो गया है जो एक समय में मुंबई में होता था। कल शाम को वेलकम इलाके में 60 राउंड गोलियां चली हैं। रोज-रोज गैंगस्टर द्वारा ज़बरन वसूली की खबरें आती हैं। आज एक स्कूल के बाहर ब्लास्ट हो गया। उन्होंने कहा, दिल्ली में ये क्या हो रहा है? भाजपा केवल दिल्ली सरकार के काम रोकने में लगी है और अपना एक भी काम नहीं कर रही है।

सीआरपीएफ स्कूल के बाहर मिला सफेद पाउडर

बता दें, दिल्ली में रविवार की सुबह रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में हुए ब्लास्ट मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को यहां से एक वायर नुमा चीफ मिली है। इसके अलावा ब्लास्ट वाली जगह से सफेद पाउडर भी बरामद किया गया है। पाउडर के सैंपल FSL और NSG टीम द्वारा इकट्ठा किए गए हैं। उधर, गृह मंत्रालय इस मामले की जांच NIA को सौंप सकती है। अधिकारियों को संदेह है कि दिल्ली में कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। उधर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

वेलकम इलाके में कई राउंड फायरिंग

इससे पहले शनिवार की शाम दिल्ली के वेलकम इलाके में दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया था, जिसमें करीब 17 राउंड फायरिंग की गई। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी की घटना में 22 वर्षीय महिला घायल हो गई जिसकी पहचान इफरा के तौर पर हुयी है। पुलिस के मुताबिक जींस बनाने वाले दो समूहों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर शाम करीब साढ़े चार बजे झगड़ा हुआ। दोनों तरफ से करीब 17 राउंड गोलियां चलीं। इफरा घटनास्थल के पास ही खड़ी थी और उसे सीने में गोली लग गयी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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