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AAP में आतिशी-सौरभ भारद्वाज का और बढ़ा का कद, बने मंत्री; पर क्या सिसोदिया-जैन की कमी कर पाएंगे पूरी?

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Mar 9, 2023, 06:08 PM IST

Atishi Marlena and Saurabh Bharadwaj oath as Delhi ministers: आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं को नौ मार्च, 2023 को दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में मंत्री पद की शपथ दिलाई।

Atishi Marlena and Saurabh Bharadwaj oath as Delhi ministers: आम आदमी पार्टी (आप) के दों विधायकों - आतिशी (कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र से) और सौरभ भारद्वाज (ग्रेटर कैलाश निर्वाचन क्षेत्र से और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी) - का कद और बढ़ गया है। गुरुवार (नौ मार्च, 2023) को ये दोनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के मंत्री बन गए। उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने दोनों को सीएम की मौजूदगी में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नवनियुक्त मंत्री आतिशी को देश की राजधानी दिल्ली में शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), ऊर्जा और पर्यटन मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है, जबकि भारद्वाज को स्वास्थ्य, जल के साथ उद्योग और शहरी विकास विभाग की कमान सौंपी गई है।

कौन हैं आतिशी?

आठ जून 1981 को दिल्ली में जन्मीं आतिशी सिंह (पुराना टाइटल/मिडिल नेम- मार्लेना, जो पैरेंट्स ने दिया था) पंजाबी-राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती हैं। स्प्रिंगडेल्स स्कूल (पूरा रोड) से पढ़ीं आतिशी ने सेंट स्टीफंस कॉलेज (डीयू से 2001 में) से हिस्ट्री में ग्रैजुएशन किया था। वह इसके बाद ऑक्सफोर्ड चली गईं, जहां उन्होंने इतिहास में मास्टर्स किया। यह कोर्स उन्होंने चेवनिंग स्कॉलरशिप पर किया था। आगे वह रोड्स स्कॉलर के रूप में ऑक्सफोर्ड के मैगड्लेन कॉलेज भी पहुंचीं। आंध्र प्रदेश के एक स्कूल में कुछ समय तक पढ़ाने के बाद वह संभावना इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी नाम की गैर सरकारी संस्था से जुड़ीं, जबकि 2013 में आप के नीति निर्माण में उन्होंने अपने सुझाव दिए थे।

भारद्वाज को भी जानिए

आप के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभालने वाले भारद्वाज मूल रूप से दिल्ली से हैं। उन्होंने 2003 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विवि के भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की थी। फिर 2011 में उन्होंने ओस्मानिया विवि से लॉ में बैचलर डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Invensys नाम कंपनी से की थी, जबकि राजनीति में आने से पहले वह Johnson Controls India को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां वह माइक्रोचिप्स और कोडिंग में एक्सपर्टीज रखते थे।

सिसोदिया-जैन को कर पाएंगे 'रीप्लेस'?

सबसे रोचक बात है कि इन दोनों नेताओं को केजरीवाल मंत्रिमंडल में तब शामिल किया गया है, जब कुछ रोज पहले दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामले में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनसे पहले पिछले साल (2022 में) कबीना मंत्री सत्येंद्र जैन को अरेस्ट (मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में) किया गया था। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म है। सवाल उठ रहे हैं क्या ये दोनों सिसोदिया और जैन की तरह केजरीवाल और जनता के सामने खुद को साबित कर पाएंगे और संकट में उलझी आप को उबारकर आगे ले जा सकेंगे।
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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