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Dr DY Patil Passes Away: तीन राज्यों के राज्यपाल रहे पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन, कोल्हापुर में ली अंतिम सांस

Padma Shri DY Patil Death: प्रसिद्ध शिक्षाविद्, डी.वाई. पाटिल ग्रुप के संस्थापक और त्रिपुरा, बिहार व पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का 90 वर्ष की आयु में कोल्हापुर में निधन।

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Dr DY Patil Passes Away: शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति, पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन, कोल्हापुर में ली अंतिम सांस

Dr DY Patil Passes Away: देश के जाने-माने शिक्षाविद्, डी. वाई. पाटिल ग्रुप के संस्थापक और तीन राज्यों के पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव (डी. वाई.) पाटिल का मंगलवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में निधन हो गया। 90 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। भारत के विशालतम शैक्षणिक नेटवर्क में से एक का निर्माण करने वाले डॉ. पाटिल के निधन से शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

150 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की रखी नींव

डॉ. डी. वाई. पाटिल को भारत में उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के विस्तार का महान पुरोधा माना जाता है। प्रमुख उपलब्धियां और योगदान:

विशाल शैक्षणिक साम्राज्य: उन्होंने डी. वाई. पाटिल ग्रुप की स्थापना की, जिसके तहत आज देश भर में 150 से अधिक स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और डीम्ड यूनिवर्सिटीज संचालित हो रही हैं।

पद्मश्री सम्मान: समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 1991 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से नवाजा था।

स्वास्थ्य और खेल में योगदान: शिक्षा के अलावा उन्होंने नवी मुंबई में प्रसिद्ध 'डी. वाई. पाटिल स्टेडियम' और कई विश्वस्तरीय अस्पतालों का निर्माण कराया, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'डी. वाई. पाटिल ग्रुप के संस्थापक और त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पद्म श्री डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन की खबर बेहद दुखद है।'

विधायक से तीन राज्यों के राज्यपाल तक का राजनीतिक सफर

शिक्षा के साथ-साथ डॉ. पाटिल ने देश के प्रशासनिक और राजनीतिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महाराष्ट्र के विधायक: उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य (MLA) के रूप में की थी और जनसेवा में सक्रिय रहे।

तीन राज्यों के राज्यपाल: बाद में उन्होंने संवैधानिक जिम्मेदारियां संभालते हुए त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

देशभर से श्रद्धांजलि: उनके निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं और शिक्षाविदों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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