India-Maldives Relation: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को मालदीव के अपने समकक्ष मोहम्मद घासन मौमून के साथ शिष्टमंडल स्तर की बैठक की। इस बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने मालदीव के साथ रिश्तों को और मजबूत बनाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। सिंह ने गत अक्टूबर में हुई मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोईज्जू की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके इस दौरे से द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊर्जा और दिशा मिली। राष्ट्रपति मोईज्जू की यात्रा के दौरान जारी संयुक्त विजन दस्तावेज दोनों देशों के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में काम करते हैं।
दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध होंगे मजबूत
द्वीपीय राष्ट्र के रक्षा मंत्री मौमून दोनों देशों के बीच समग्र संबंधों में आए सुधार के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए बुधवार से तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। दिल्ली में वह कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि भारत ने मालदीव के चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की मांग के बाद हिंद महासागर द्वीपसमूह में तैनात अपने लगभग 80 सैन्यकर्मियों को वापस बुला लिया था। भारतीय सैन्यकर्मी दो सैन्य सुविधाओं के रखरखाव और संचालन के लिए मालदीव में थे। उनकी जगह भारतीय असैन्य कर्मचारियों को तैनात किया गया।
पटरी से उतर गए थे दोनों देशों के रिश्ते
इस पूरी घटना के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आठ जनवरी को नयी दिल्ली में मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।’इसने कहा कि दोनों मंत्री ‘मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स’ की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, अभ्यास और रक्षा परियोजनाओं के साथ-साथ रक्षा उपकरणों की आपूर्ति सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
गोवा और मुंबई भी जाएंगे मालदीव के रक्षा मंत्री
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘मालदीव, भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति में विशेष स्थान रखता है। इस नीति का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि लाना है।’इसने कहा, ‘दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार वे ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (सागर)’ के भारत के दृष्टिकोण में योगदान देते हैं।’मौमून गोवा और मुंबई भी जाएंगे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कुछ दिन पहले, मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खलील ने भारत की यात्रा की थी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता की थी।
